मुस्कराहट विपरित परिस्थितियों को भी अनुकूल बना देती है- साध्वी श्री अमिपूर्णाश्रीजी

6:44 pm or August 6, 2022

महावीर अग्रवाल 

मन्दसौर ६ अगस्त ;अभी तक;  नयापुरा आदिनाथ जैन मंदिर मे छत्तीसगढ़ रत्न शिरोमणि महतरा, प.पूज्य साध्वी मनोहर श्रीजी म.सा. की सुशिष्या प.पू. साध्वी श्री अमिपूर्णा श्रीजी म. सा. की पावन निश्रा मे प्रभावी प्रवचन प्रतिदिन चल रहे है।

शनिवार को प्रवचन में साध्वीश्री अमिपूर्णा श्रीजी ने कहा की अपने धन का उपयोग सदा  धर्म व पूण्य के कार्यों में समर्पित करते रहना चाहिये जो व्यक्ति अपने धन का सदुपयोग अच्छे कार्यों में करता है वह प्राणी भव-भव तक पुण्यशाली व सोभाग्यशाली बना रहता है जो व्यक्ति जिनवाणी को जीवन में आत्मसात करते है वह समकित की प्राप्ति करने वाला होता है जिस तरह पानी मंे मिश्री डालने से पानी मीठा हो जाता है उसी तरह जिनवाणी को  श्रवण  करने  वाला प्राणी राग, द्वेष, लोभ, मोह, कषाय के बंधनों से मुक्त हो जाता एवं व्यक्ति का जीवन मिश्री के समान हो जाता है। यदि परमात्मा के प्रति सच्ची निष्ठा समर्पण आ जाए तो हमारा जीवन भी परमात्मा रूपी बन जाएगा।
साध्वीश्री  ने कहा की जिसको मुस्कराना आ गया, उसको जीना आ गया। मुस्कराना भी एक कला  है जो विपरीत. परिस्थितियों को भी अनुकूल बना देती है। परमात्मा के प्रति सच्चे भाव श्रद्धा भक्ति से की गई प्रार्थना आप के विपरीत ग्रहो को भी अनुकूल बना देती है । आपने कहा  की जिस तरह सुई मंे धागा डला हो तो उसे कही भी खोजा जा सकता है उसी तरह  यदि हमारे गले में परमात्मा रूपी धागा आ जाए तो हमारा जीवन सुदृढ एवं प्रभावशाली हो जाता है।
इस अवसर पर अजीत लोढ़ा, दिलीप लोढ़ा, अभय पोखरना, प्रदीप चण्डावला, बलवंतसिंह कोठारी, मनोहर सकलेचा, अभय चोरडीया, यशवंत पोखरना, अभय डोसी, सुरेंद्र डोसी, धीरज  लोढ़ा, कमल कोठारी, सुशील बोथरा, अरविन्द बोथरा, अजय नाहटा आदि समाजजन उपस्थित थे।

Post your comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *