मेडिकल स्‍टोर पर हुई छापामार कार्रवाई, नोटिस जारी कार्रवाई के दौरान बंद करके भागे संचालकों पर भी कार्रवाई प्रस्‍तावित

भिण्‍ड से डॉ. रवि शर्मा

भिंड २९ अगस्त ;अभी तक; भिण्‍ड के गोरमी कस्‍बे में ड्रग इंस्‍पेक्‍टर आकांक्षा गरूण ने पिछले तकरीबन 5 वर्षो में बाद जिले में 522 फुटकर एवं थोक विक्रेता हैं। जिसमें थोक विक्रेताओं की संख्‍या तकरीबन 90 प्रतिशत है व थोक दवा विक्रेताओं द्वारा धडेल्‍ले से बिना फामासिस्‍ट के डॉक्‍टर के पर्चे पर लिखी दवाईयों का बिना अनुभव के मरीजों को दवा दी जा रही है। जबकि फुटकर दवा विक्रेता व फार्मासिस्‍ट ही डॉक्‍टर के पर्चे पर लिखी दवा का देने का अधिकार है।

इस तरह जिले में यह कारोबार ड्रग इंस्‍पेक्‍टर सहमति से धडेल्‍ले से थोक विक्रेता दवाईयों फुटकर दवाईयां बेच रहे हैं। जबकि थोक विक्रेता सिर्फ फुटकर विक्रेताओं को हॉलसेल पर दवाईयां दे सकता है न कि डॉक्‍टर के पर्चे पर । भिण्‍ड के गोरमी कस्‍बे में ड्रग इंस्‍पेक्‍टर आंकाक्षा गरूण द्वारा शुक्रवार को गोरमी में मेडिकल स्‍टोर पर छापामार कार्रवाई की गई, जिसमें किरण मेडिकल स्‍टोर, थापक मेडिकल स्‍टोर, नरवरिया मेडिकल स्‍टोर, पुष्‍पराज मेडिकल स्‍टोर पर कार्रवाई की गई। सभी मेडिकल स्‍टोर्स पर औषधि प्रसाधन सामग्री के नियमों के तहत कार्रवाई की गई है। हालांकि इस दौरान कुछ स्‍टोर संचालक कार्रवाई की भनक लगते ही मेडिकल बंद करके भाग गए, जिनमें शिवम मेडिकल स्‍टोर, शिवहरे मेडिकल स्‍टोर, रामा मेडिकल स्‍टोर व राठौर मेडिकल स्‍टोर को स्‍पष्‍टीकरण का नोटिस जारी कर दिया गया है।

ड्रग इंस्‍पेक्‍टर ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्रवाई के दौरान किरण मेडिकल स्‍टोर पर फार्मासिस्‍ट नहीं पाए गए। इस दौरान दुकान पर उपस्थित वर्कर्स ने बताया कि फार्मासिस्‍ट एक्‍सपायर्ड दवाओं को वापस करने के लिए ग्‍वालियर गए हुए हैं। इसके अलावा अन्‍य दस्‍तावेजों की जांच की गई, जिसमें जो दस्‍तावेज मौके पर उपलब्‍ध नहीं मिले। उन्‍हें उपलब्‍ध कराने के लिए मेडिकल स्‍टोर संचालकों  को दो दिन का समय दिया गया है। दो दिन के अंदर दस्‍तावेज नहीं देने पर नोटिस देकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं थापक मेडिकल स्‍टोर संचालक से सेनेटाइजर का सैंपल सहित अन्‍य मेडिकल से भी सैंपल किए गए हैं। जिन्‍हें जांच के लिए भोपाल भेजा गया है।

इस संवाददाता ने कार्रवाई के बाद मेडिकल स्‍टोर  संचालकों से पूछा की आपकी तो दुकान बंद कर दी है। अब क्‍या होगा आपका लाइसेंस भी निरस्‍त हो सकता है तो उसने कहा हम तो थोक दवा विक्रेता हैं न हमारे पास फार्मासिस्‍ट नहीं है ज्‍यादा से ज्‍यादा यह होगा कि ड्रग इंस्‍पेक्‍टर महोदया से निवेदन कर और उनका जो कुछ बनता है व उन तक पहुंच जाऐगा। दुकानों पुन: खोलने लगेंगी।

कार्रवाई के दौरान जो मेडिकल स्‍टोर संचालक बंद करके भाग गए हैं। उन्‍हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उनके द्वारा स्‍पष्‍टीकरण उचित नहीं पाए जाने पर लाइसेंस कैंसिल करने की कार्रवाई प्रस्‍तावित की जाएगी।

आकांक्षा गरूण,ड्रग इंस्‍पेक्‍टर भिण्‍ड 

 

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