मैहर मंदिर में अवैध रूप से काबिज पुजारी पर कलेक्टर मेहरबान, हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर मांगी परिपालन रिपोर्ट

सिद्धार्थ पांडेय

जबलपुर १९ नवंबर ;अभी तक;  मैहर स्थित शादरा मंदिर में अवैध रूप से काबिज पुजारी के खिलाफ कार्यवाही नहीं किये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका में कहा गया था कि पूर्व में दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर ने पुजारी की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए कार्यवाही करने का आश्वासन दिया था। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी करते हुए कार्यवाही के संबंध में रिपोर्ट पेश करने निर्देश जारी किये है।

याचिकाकर्ता विजय कुमार श्रीवास्तव की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि राजा मैहर ने शादरा मंदिर में शारदा प्रसाद पांडे को उनके जीवन काल तक पुजारी नियुक्त किया था। शारदा प्रसाद पांडे के बाद उनका बेटा देवी प्रसाद पांडे अवैध रूप से पुजारी के पद पर बैठ गया। पुजारी बनने के बाद उसने मंदिर परिसर में अवैध कब्जे शुरू कर दिये। इसके अलावा श्रृध्दालुओं से दान की राशि लेकर खुद रखने लगा। जिसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने कलेक्टर सतना को जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिये थे।

हाईकोर्ट के आदेश पर तहसीलदार द्वारा जांच की गयी थी। जांच में याचिकाकर्ता के आरोपों को सही पाया गया था। जांच के बावजूद भी कार्यवाही नहीं किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गयी थी। अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर की तरफ से पेश की गयी रिपोर्ट में पुजारी की नियुक्ति को अवैधानिक बताया गया था। रिपोर्ट में कलेक्टर ने कार्यवाही किये जाने का आश्वासन हाईकोर्ट को दिया था। जिसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया था।
कलेक्टर द्वारा पुजारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं किये जाने के कारण उक्त याचिका दायर की गयी थी। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने दो अनावेदनों के नाम याचिका से विलोपित करने के आदेश जारी करते हुए अन्य अनावेदकों को नोटिस जारी कर कार्यवाही रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किये है। याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आशीष रावत ने पैरवी की।