मोबाईल चोरी करने वाले तीन आरोपीयों को 07-07 वर्ष का सश्रम कारावास

2:34 pm or July 22, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर , नीमच २२ जुलाई ;अभी तक;  सुश्री संध्या मरावी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नीमच द्वारा रात्री के समय तम्बु में से तीन मोबाईल चोरी करने वाले तीन आरोपीगण (1) इरफान उर्फ बाबु पिता मोहम्मद रफीक रंगरेज, आयु-22 वर्ष, निवासी-जमाई मोहल्ला, जिला-नीमच, (2) इमरान पिता याकूब शाह, आयु-19 वर्ष, निवासी-हम्माल मोहल्ला, नीमच सिटी व (3) रईस पिता सद्दीक कुरैशी, आयु-19 वर्ष, निवासी-माधवगंज मोहल्ला, नीमच सिटी जिला नीमच को धारा 457, 380 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 07-07 वर्ष के कठोर कारावास व 1000-1000रू. जुर्माने से दण्डित किया।
                         श्री रितेश कुमार सोमपुरा, एडीपीओ द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना 2 व 3 मई 2022 रात्री के समय की बगीचा नम्बर 13 स्थित मदनलाल बंजारा के घर पर लगे तम्बु की हैं। मदनलाल बंजारा की पुत्री का विवाह होने से उसने घर पर टेंट लगाया हुवा था, जिसमें रात्री के समय मेहमान सोये हुवे थे, जिसमें फरियादी सुरेश, जगदीश व दिलीप भी सोये हुवे थे। सुबह उठकर देखा तो तीनो के मोबाईल चोरी हो गये थे। पडोसी निलेश के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को देखने पर पता चला की तम्बु के बहार कार आकर रूकी और तम्बु उठाकर एक व्यक्ति घुसा व मोबाईल को चोरी करके ले गया। फरियादी द्वारा घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना नीमच केंट पर की गई, जिस पर से अपराध क्रमांक 269/22 की प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई। पुलिस थाना नीमच केंट के एएसआई कैलाश सोलंकी द्वारा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी ईरफान उर्फ बाबु की पहचान कर उसके कब्जे से चोरी गया मोबाईल को जप्त किया गया तथा उससे पुछताछ करने पर अन्य आरोपीयों के साथ मिलकर मोबाईल की चोरी करना स्वीकार किया जिस पर से अन्य दो आरोपीयों इमरान व रईस से भी एक-एक मोबाईल जप्त किया गया। पुलिस नीमच केंट द्वारा शेष आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग-पत्र नीमच न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में तीनों फरियादीगण व अन्य महत्वपूर्ण साक्षीगण के बयान कराये गये। तीनों फरियादीगण द्वारा आरोपीगण से राजीनामा किया गया, इसके उपरांत भी जप्तीकर्ता अधिकारी व विवचक की साक्ष्य के आधार पर आरोपीगण के विरूद्ध मोबाईल चोरी किये जाने के अपराध को प्रमाणित कराते हुए उसको कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा तीनों आरोपीगण को धारा 457 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 07-07 वर्ष के कठोर कारावास व धारा 380 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 06-06 वर्ष के कठोर कारावास व 1000-1000रू. जुर्माने से दण्डित किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री रितेश कुमार सोमपुरा, एडीपीओ द्वारा की गई।