म.प्र. के फार्मेसी कॉलेज के शिक्षकों की सैलेरी कटौती रोकी जाये

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर १० सितम्बर ;अभी तक;  काफ़ी समय से म.प्र. में संचालित फार्मेसी कॉलेज प्रबंधन अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे थे जिसके चलते प्रदेश के कुछ फार्मेसी कॉलेज प्रबंधन शिक्षकों के साथ वेतन न देने एवं आधी सैलरी देने का अन्याय कर रहे हैं। मामला जानकारी में आते ही एमपी फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश सचिव श्री दीपक मिश्रा ने प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए लिखा कि प्रदेश के फार्मेसी कॉलेज प्रबंधन द्वारा शिक्षकों को विगत पांच महीनों से सैलरी नहीं दी है वहीं कुछ कॉलेज प्रबंधन ने आधी सैलरी दी है जबकि छात्रों से साल भर की फीस एक साथ जमा करवा ली जाती है। जिसके कारण शिक्षकों के परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है जो कि अमानवीय है। जबकि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने घोषणा करते हुए कहा था कि किसी भी कर्मचारी का ना तो वेतन काटा जाए और ना ही नौकरी से निकाला जावे।
श्री मिश्रा ने तकनीकी शिक्षा मंत्री को लिखे पत्र में मांग की कि इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर प्रदेश के समस्त फार्मेसी कॉलेजो के शिक्षकों के सैलरी स्टेट्मेंट मंगवाते हुए  सभी को कॉलेज को आदेशित करे कि शिक्षकों के वेतन में किसी प्रकार कि कटौती ना की जावे और उन्हें तुरंत पूरा वेतन दिया जाए। जानकारी के दौरान यदि विसंगति पाई जाए तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए।
संगठन के आईटी सेल प्रदेश अध्यक्ष श्री राजवीर त्यागी ने उक्त मामले को भोपाल सांसद प्रज्ञा दीदी को बताया साथ ही कुछ कॉलेजों के नाम भी बताए तो उन्होंने तकनीकी शिक्षा एवं श्रम मंत्री मुख्य सचिव से फार्मेसी कॉलेज के प्रोफेसरों की सैलरी के बारे में चर्चा की जिसमे उन्होंने तत्काल सभी यूनिवर्सिटी को आर्डर भेजने की बात कही और भरोसा दिलाया की सभी को सैलरी दी जाएगी।
उक्त जानकारी एम पी फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश संगठन मंत्री प्रशांत सिंह हाड़ा ने दी।

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