युवाओं में मूल्यनिष्ठ, दिव्य संस्कारों की है आवश्यकता : ब्रह्माकुमारी बहनजी

11:09 pm or January 13, 2023

दीपक शर्मा

पन्ना १३ जनवरी ;अभी तक; स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के शुभ अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, पन्ना में ’सशक्त युवा समृद्ध भारत’ विषय पर एक कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलन एवं स्वामी विवेकानंद जी के छायाचित्र पर मार्ल्यापण कर किया गया।

कार्यक्रम में बहनजी ने युवाओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि, ’राष्ट्रीय युवा दिवस’ भारत के उन युवाओं व नौजवानों को समर्पित एक खास दिन है, जो देश के भविष्य को बेहतर और स्वस्थ बनाने की क्षमता रखते हैं। भारतीय युवा दिवस को 12 जनवरी को मनाने की एक खास वजह है। इस दिन स्वामी विवेकानंद का जन्म हुआ था। स्वामी विवेकानंद की जयंती को देश के युवाओं के नाम पर समर्पित करते हुए हर साल ’राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाने लगा। आगे आपने कहा कि, युवाओं में एक भटकाव की स्थिति पिछले कुछ समय से देखने को मिल रही है। जो ऊर्जा अच्छे विचारों की क्रांति मे लगनी थी वह नशाखोरी, लालच, बेईमानी आदि में लग रही है। इससे युवा स्वयं के जीवन के साथ ही देश, समाज और पारिवारिक जीवन को भी नरकीय कर देते हैं। किसी भी व्यक्ति में भटकाव केवल निर्देशन के अभाव से होता है यदि सही दिशा-निर्देशन मिल जाये तो फिर सोने पर सुहागे वाली स्थिति आती है यानि एक तो ऊर्जावान युवावर्ग उस पर भी वह सारी ऊर्जा एकत्रित होकर मानव जीवन के कल्याण की ओर लगती है। ऐसे युवा एक स्वस्थ और सुन्दर समाज का निर्माण करते हैं। जहां नशाखोरी, रिश्वतखोरी, दहेज लिप्सा आदि से हटकर युवा वर्ग सत्य साधना में लगता है और इन सभी वासनाओं एवं देश की प्रगति में बाधक आदतों को छोड़ता है। वर्तमान युवा मात्र धन एकत्र करने को ही जीवन का उद्देश्य मान बैठा है, वह सनातन धर्म और वेदों से कोसों दूर है और यहीं पर स्वामी विवेकानंद का उद्देश्य खत्म हो जाता है। क्योंकि स्वामी विवेकांनद ने तो सनातन के गुण गाकर शिकागो सम्मेलन में भारतवर्ष के नाम को ऊंचा किया था और आज युवा धर्म-कर्म से दूर हैं।