युवा प्रत्याशी नितेन्द्र सिंह राठौर, चुनावी मैदान मे अपनी प्रतिद्वन्दी पार्टी बीजेपी पर भारी

पुष्पेंद्र सिंह
 निवाड़ी अक्टूबर  ;अभी तक; जिले के पृथ्वीपुर विधानसभा के उप चुनाव मे पहली बार चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के युवा प्रत्याशी नितेन्द्र सिंह राठौर, चुनावी मैदान मे अपनी प्रतिद्वन्दी पार्टी बीजेपी पर भारी पड़ रहे हैं, इसका अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को खुद पृथ्वीपुर क्षेत्र मे एक महीने की समयाविधि मे पाँच बार आकर गांव गांव जाकर अपने प्रत्याशी शिशुपाल यादव के लिए वोट मांगने पड़े, इतना ही नहीं  उन्हें हरिजनऔर पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को पार्टी के पक्ष मे रिझाने के लिए न सिर्फ उनके घर खाना खाने को विवश होना पड़ा, बल्कि रात्रि विश्राम के लिए उन्हें उनके घर आश्रय लेना पड़ा, हालांकि यह अलग बात है कि चुनाव प्रचार के लिए क्षेत्र मे सक्रिय उनके तमाम मंत्री रात मे विश्राम के लिए ओरछा के आलीशान होटलों मे जा  कर रुकते हैँ,
                     बीजेपी प्रत्याशी शिशुपाल यादव इस क्षेत्र से दूसरी बार चुनाव मैदान मे अपनी किस्मत आजमा रहे है । इसके पूर्व उन्होंने वर्ष 2018 के राज्य विधानसभा के चुनाव मे सपा उम्मीदवार के रूप मे चुनाव लड़ा था और वे कांग्रेस के तत्कालीन प्रत्याशी ब्रजेन्द्र सिंह राठौर से पराजित हो गए थे,।  उस चुनाव मे बीजेपी के अभय यादव की शर्मनाक पराजय हुई थी और वे करीब दस हज़ार मत पाकर सबसे नीचे चौथे नंबर पर रहे थे, उस चुनाव मे सपा से चुनाव लड़कर हार चुके शिशुपाल यादव का अपनी सपा से मोह भंग हो गया और वे बीजेपी मे शामिल  हो गए थे  यादव मूल रूप से ललितपुर (उत्तर प्रदेश )के रहने वाले हैँ, राजनीति के जानकर बताते हैँ कि भाजपा ने अपने इसी क्षेत्र से चुनाव लड़ने के अपने पुराने निष्ठांवान  दर्जन भर  दावेदारो मे से किसी पर भरोसा न करके  एक बाहरी नेता को पार्टी मे लेकर चुनाव लड़ाने का निर्णय लिए गया !जिससे बीजेपी के अन्य दावेदार कथित तौर पर नाराज हो गए  जिससे पार्टी को अंदरूनी विरोध का डर सता रहा है, इसके अलावा बाहरी और स्थानीय  प्रत्याशी  का मुद्दा भी गरम है, लगातार पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस, और सरसों तेल की बढ़ती कीमतों ने भी चुनाव मे बीजेपी को परेशान कर रखा है,
राजनीती के समीक्षक बताते हैँ कि यही वजह है कि न सिर्फ शिवराज बल्कि, उनके मंत्रिमंडल के तमाम सहयोगी इस क्षेत्र मे अपने प्रत्याशी के लिए वोट मांगने के लिए स्थाई रूप से जमे हैँ,
                 पृथ्वीपुर कांग्रेस की  परम्परागत  सीट मानी जाती है वर्ष 2008 मे सृजित होने के पहले  निवाड़ी विधानसभा से ब्रजेन्द्र सिंह वर्ष 2003एवं 2008 के चुनाव मे निर्दलीय  लड़े और जीत दर्ज की, उसके आगे के चुनाव मे वे कांग्रेस उम्मीदवार के रूप मे चुनाव लड़े और जीते भी, एक लाख 86 हज़ार से अधिक  मिश्रित मतदाताओं बाली इस विधानसभा क्षेत्र मे स्व ब्रजेन्द्र सिंह को लोग पसंद करते थे और वे मतदाताओं के बीच काफ़ी लोकप्रिय थे यही वजह है  उनके पुत्र  कांग्रेस प्रत्याशी नितेन्द्र राठौर के प्रति आम  मतदाता की सहानभूति है दूसरा कारण नितेन्द्र कीखुद की कार्य शैली से भी लोग प्रभावित हैँ, समीक्षक कहते हैँ बीजेपी की असली चिंता यही है इसलिए इस सीट को छीनने के लिए बीजेपी अपनी पूरी शक्ति झोंक रही है ।
                इस क्षेत्र मे कांग्रेस की ओर से बड़े नेताओं मे कमलनाथ ने जेरोन मे आम सभा कर चुके हैँ जबकि भाजपा से मुख्यमंत्री चौहान के अलावा प्रदेश प्रमुख वीडी शर्मा समेत दर्जन भर मंत्री कई नुक्कड़ और आमसभा कर चुके हैँ यादव, कुशवाहा,  केवट, और ब्राम्हण समेत अन्य विरादरी के मतदाता अभी खुलकर किसी प्रत्याशी के पक्ष मे सामने नहीं आये हैँ इसलिए कहना मुश्किल है कि बाजी कौन मरेगा, लेकिन  कांग्रेस के लिए भी अपनी सीट बचाने की चुनौती है अब देखना होगा कि क्षेत्र की जनता विधानसभा के लिए किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है !