राजनीतिक परिवारों से जुड़े शिक्षकों के थोक में किए स्थानांतरण ; चौधरी राकेश सिंह

भिंड से डॉ रवि शर्मा

भिंड ४ सितम्बर  ;अभी तक; राजनीतिक परिवारों से जुड़े शिक्षक एवं ग्राम पंचायत सचिवों के तबादले नियम व नीति के विरुद्ध विश्वास किए गए हैं असल में ब्राह्मण पिछड़ा वर्ग समुदाय के लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है तबादला नीति के विपरीत की गई स्थानांतरण की कार्रवाई के विरोध में आज रात्रि को भोपाल पहुंच कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं प्रमुख सचिव को ज्ञापन के साथ शिकायत करेंगे ।

यह बात पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने बजरिया इलाके स्वयं के कॉलेज परिसर कन्या जनता कॉलेज बजरिया हनुमान जी के पास जनता कॉलेज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं । उन्होंने कहा भिंड जिले में शिक्षकों के मात्र 400 स्थानांतरण किए जाने थे परंतु आज थोक में दो हजार से ऊपर शिक्षकों के स्थानांतरण कर दिए गए । इसमें न केवल पारस्परिक स्वैच्छिक तबादलों के नियम और गाइडलाइन व तबादलों के नियम को दरकिनार करते हुए शिक्षकों को व्यक्तिगत तबादला आदेश दिए जा रहे हैं । उन्होंने बताया हाल ही में अटेर विधानसभा क्षेत्र में से जारी की गई ग्राम पंचायत सचिवों की तबादला सूची में ऐसे में कुल 45 तबादले किए गए हैं जिसमें 14 पिछड़ा वर्ग और 24 ब्राह्मण समुदाय के हैं जबकि अटेर क्षेत्र की 70 फ़ीसदी ग्राम पंचायत सचिव विहीन है तबादलों के बाद उन पंचायतों में नए सचिव की पदस्थापना नहीं की गई ।

उन्होंने  कहां की भिंड जिले की लहार को बनाया गया भिंड का झाबुआ पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने बताया मध्यप्रदेश में अभी तक बालाघाट में झाबुआ में तबादला किए जाने को संबंधित कर्मचारी को प्रताड़ित करना माना जाता था लेकिन अब भिंड जिले में लहार तहसील मैं तबादला लहार क्षेत्र में किए गए हैं ज्यादातर तबादले उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा 31 अगस्त तक आदेश करने थे लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी तबादला लिस्ट 2 सितंबर को आदेश जारी किए गए ऐसे में राज्य सरकार ने तबादला नीति का गलत उपयोग करने का उदाहरण पेश किया क्योंकि व्यक्तिगत दिए जा रहे तबादला आदेश पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने बताया  जिन शिक्षकों के तबादले किए गए हैं उन्हें व्यक्तिगत पोर्टल के माध्यम से आदेश दिए जा रहे हैं ऐसा करके संबंधित शिक्षकों से न्यायालय में जाने का संवैधानिक अधिकार भी छीन लिया है उन्होंने कहा यह निर्णय जनप्रतिनिधियों द्वारा दिया गया है उसमें तबादला नीति का उल्लंघन सरेआम हुआ है जिले के तबादले का काम अधिकारियों व कर्मचारियों किए जाने के बजाय प्राइवेट लोगों के हाथों में सौंप दिया गया है