राजनैतिक दलों को सभा की अनुमति है तो माँ के भक्तों को गरबा खेलने की अनुमति क्यों नहीं ?

9:04 pm or October 14, 2020
राजनैतिक दलों को सभा की अनुमति है तो माँ के भक्तों को गरबा खेलने की अनुमति क्यों नहीं ?
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर १४ अक्टूबर ;अभी तक; मंदसौर नगर के सामाजिक संगठनों एवं गरबा आयोजकों द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के नाम ज्ञापन विधायक श्री यशपालसिंह सिसौदिया एवं तहसीलदार नारायणसिंह नांदेड़ को दिया गया। जिसमें नवरात्रि में माता की आराधना करते हुए सीमित संख्या में गरबा करने की अनुमति प्रदान करने की मांग की गई।
                 दिये गये ज्ञापन में कहा कि माता की आराधना का पर्व नवरात्रि में हर वर्ष भारत में माता के भक्त माताजी की प्रतिमा की घट स्थापना कर नौ दिवस तक गरबा नृत्य कर माता की आराधना करते हैं। यह धार्मिक परम्परा वर्षों से चली आ रही है जिसमें इस देश के हर वर्ग की सहभागिता होती है। वर्तमान में कोविड-19 बीमारी के चलते भारत सरकार द्वारा नवरात्रि को लेकर गाईड लाईन तैयार की गई है जिसके अन्तर्गत पाण्डाल, आरती की अनुमति प्रदान की गई है लेकिन गरबा नृत्य के लिये अनुमति नहीं दी गई हैं, चूंकि गरबा नृत्य और माता की आराधना एक दूसरे के पूरक है। गरबे के बिना नवरात्रि पर्व अधुरा माना जाता है। चूंकि वर्तमान में बिहार चुनाव एवं मध्यप्रदेश में उपचुनाव होने है। जिसके चलते राजनैतिक दल चुनावी सभा आयोजित कर रहे है जिसमें बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र हो रही है वहीं व्यवसायिक गतिविधियां, ट्रेन सहित 15 अक्टूबर से सिनेमा सहित अन्य गतिविधियों हेतु भी अनुमति प्रदान की गई है। ऐसे में नवरात्रि में गरबे के आयोजन की अनुमति नहीं प्रदान करने से माँ के भक्तों की भावना आहत हो रही है। मांग की गई कि शासन गाईडलाईन बनाकर नवरात्रि में गरबों के आयोजन करने की अनुमति प्रदान की जाये।
                 इस अवसर पर विश्वमोहन अग्रवाल, मंगल बैरागी, अरविन्द कागला, घनश्याम खत्री, हार्दिक हड़पावत, शंभूसेन राठौर, अनुप माहेश्वरी, रवि अग्रवाल, अर्चना गुप्ता, रक्षा जैन, निर्मला हटीला, मोनिका पालीवाल, सविता रावल, रानू जैन, गरिमा भाटी, अंजली दरिंग, दिप्ती भाटी आदि उपस्थित थे।

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