रामपायली रेत खदान को लेकर 05 सितम्बर को लोक सुनवाई का आयोजन, मंदिर के पास रेत खदान प्रस्तावित नहीं है

आनंद ताम्रकार

बालाघाट २ सितम्बर ;अभी तक;

वारासिवनी तहसील के ग्राम रामपायली में धार्मिक मंदिर क्षेत्र में कोई रेत खदान प्रस्तावित नहीं है और न ही इस क्षेत्र में रेत खदान आबंटित की गई है। रामपायली में जिस स्थान पर रेत खदान आबंटित की गई है वह पूर्व से (पिछले 10 वर्षों) संचालित है। ई निविदा के माध्यम से आवंटित खनिज रेत खदान ग्राम रामपायली तह. वारासिवनी खसरा नं. 1014 भाग रकबा 8.869 हेक्टेयर क्षेत्र पर पर्यावरण सम्मति हेतु नियमो मे प्रावधान अनुसार, खदान क्षेत्र का रकबा 5.000 हे. से अधिक होने से क्षेत्रीय अधिकारी, क्षेत्रीय कार्यालय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जबलपुर द्वारा लोक सुनवाई दिनांक 05 सितम्बर 2021 को आयोजित की गई है।
            जिला खनिज अधिकारी श्री सोहन सलामे ने बताया कि ग्राम पंचायत/प्रधान प्रशासकीय समिति, ग्रामवासियों द्वारा ग्राम रामपायली तह. वारासिवनी खसरा नं. 1014 भाग रकबा 8.869 हेक्टेयर क्षेत्र रेत घाट पर आपत्ति दिनांक 16 अगस्त 2021 द्वारा लिखित मे प्रस्तुत कर लेख किया गया है कि मंदिर रेत घाट मे रेत खदान नीलाम न की जाये। कुछ समाचार पत्रों में भी इस संबंध में प्रकाशित खबर के अनुसार धार्मिक आस्था से जुडे रेत घाट की नीलामी निरस्त करने की मांग की गई है। जबकि वर्तमान मे ग्राम रामपायली खसरा नं. 1014 के भाग रकबा मंदिर का क्षेत्र/धार्मिक स्थल के पास कोई भी खदान की नीलामी नही की गई है और वर्तमान मे मंदिर के पास कोई रेत खदान प्रस्तावित नही है।
             खनिज अधिकारी श्री सलामे ने बताया कि ग्राम रामपायली खसरा नं. 1014 भाग रकबा 8.869 हे. क्षेत्र मे पूर्व से ही विगत 10 वर्षों से नीलामी के माध्यम से खनिज रेत खदान संचालित होती रही है। आवंटित खदान आम नीलामी के माध्यम से भी वर्ष 2014 से 31 मार्च 2021 तक श्री लक्ष्मण सिह राजपूत निवासी होशंगाबाद को स्वीकृत होकर संचालित रही थी। जिस पर शासन के नियमो के तहत पर्यावरण अनापत्ति, जल एवं वायु सम्मति प्राप्त हुई थी। यह रेत खदान पूर्व से स्वीकृत होने से रेत नियम 2019, म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 30 अगस्त 2019 के अनुसार ई निविदा के माध्यम से उच्चतम निविदाकार श्री राजेश पाठक निवासी बैहर रोड बालाघाट को खनिज रेत खदान ग्राम रामपायली तह. वारासिवनी खसरा नं. 1014 भाग रकबा 8.869 हेक्टेयर क्षेत्र आवंटित की गई है। आवंटित क्षेत्र पूर्व से नीलामी के माध्यम से संचालित रहे क्षेत्र में पर्यावरण सम्मति के लिए ही वर्तमान मे प्रदूषण विभाग द्वारा लोक सुनवाई की जा रही है।