राष्ट्रवाद की भावना को आत्मसात करना चाहिए ;थावरचंद गेहलोत

10:54 am or January 3, 2022
 महावीर अग्रवाल
मंदसौर  ३ जनवरी ;अभी तक;  कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोत ने कहा कि समाजहित, देशहित, जनहित व धर्म व संस्कृति के हित में सदकार्य करने वाले कर्तव्यनिष्ठ व कठोर परिश्रम करने वाले लोगो को अपने जीवन में सम्मान मिलता है। श्री सुरेन्द्र लोढा को भी इसी कारण सम्मान मिल रहा है। यह खुशी का अवसर है। उनका जीवन प्रेरणादायी है। उन्होने यह कहा कि युवा पीढी को भी अपने जीवन काल में सामाजिक समरसता, संस्कार व राष्ट्रवाद की भावना को आत्मसात करना चाहिए।
                         कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोत ने यह बात श्री सुरेन्द्र लोढा अमृत महोत्सव समारोह में मुख्य अतिथि पद से सम्बोधित करते हुए कही। इस अवसर पर आपने कहा कि लगभग 85 वर्षो से ध्वज का प्रकाशन होना बहुत बडी बात है। श्री राजमल लोढा द्वारा 52 वर्षो तक इसका सम्पादन कार्य करना बडा परिश्रम है। उपरान्त श्री सुरेन्द्र लोढा ने इस परिश्रम को आगे बढाते हुए अहम भुमिका निभाई है। आपने कहा कि श्री सुरेन्द्र लोढा कर्मठता से काम करते हुए सकारात्मक एवं स्वस्थ पत्रकारिता का सम्पोषण करते रहे है। आपका श्रेष्ठ पत्रकार के रुप में पूर्व में सम्मान भी किया गया है। प्राचीन दशपुर जो आज मंदसौर के नाम से जाना जाता है। उसका ढाई हजार वर्ष के इतिहास का लेखन एवं प्रकाशन किया है। निश्चित रुप से यह आने वाली पीढी के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी होगा। आपने छह पुस्तको का प्रकाशन किया है। यह उपयोगी है। साथ ही श्री चैतन्य काश्यप फाउण्डेशन रतलाम से प्रकाशित चार  विशाल खण्डो  से युक्त आचार्यश्री जयंतसेनसूरीश्वरजी महा. के वागमय के सम्पादन के अतिरिक्त कई अन्य ग्रंथों का भी लेेखन कार्य किया है। आपने कहा कि समाज में विशेष कार्य करने के लिए साहस की भावना आवश्यक है। हर व्यक्ति को अपने जीवनकाल में  नैतिकता का सही मुल्यांकन करके  उस पर चलना चाहिए। अनेक कठिनाईयो के बावजुद भी विचलित हुए बिना लक्ष्य को प्राह्य करने पर प्रतिष्ठ अर्जित होती है। यह सबके लिए प्रेरणादायी होता है।
सुरेन्द्र लोढा ने जैन समाज में राष्ट्रीय पहचान बनाई – काश्यप
                       इस अवसर पर समारोह की अध्यक्षता करते हुए  त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ के राष्ट्रीय संरक्षक एवं विधायक श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि वर्तमान पीढी को संस्कृति से जुडना होगा। दैनिक ध्वज को मालवा के सबसे पुराने हिन्दी दैनिक होने का  गौरव प्राप्त है। इस अखबार ने पत्रकारिता के क्षेत्र में नैतिक मुल्यों की स्थापना की। नई पीढी भी इन्ही मुल्यों पर चइ रही है। उन्होने कहा कि श्री सुरेन्द्र लोढा ने अपने जीवनकाल में कई क्षेत्रो में काम किया है। जैन समाज में  उनका व्यक्तित्व राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित है। श्री काश्यप ने कहा कि उन्होने कई ग्रंथों की रचना की है। समाज संगठन को भी मजबुत करने के लिए काम किया है ।
इतिहास का संकलन प्रामाणिकता के साथ किया – सांसद गुप्ता
                     समारोह के अतिथि एवं सांसद श्री सुधीर गुप्ता ने कहा कि  ध्वज ने पत्रकारिता के मुल्यों को जीवित रखा है। श्री सुरेन्द्र लोढा ने मंदसौर के विकास में भी अग्रणीय भुमिका निभाई है। उन्होने मंदसौर का ढाई हजार वर्ष के इतिहास का संकलन प्रमाणिकता के  साथ किया है। इसके साथ ही उन्होने  पुस्तक के रुप में इसका प्रकाशन भी किया है। श्री गुप्ता ने कहा कि श्री सुरेन्द्र लोढा ने समाज व  संगठन के इिए जो काम किए है, वह अविस्मणीय है। ऐसे इोग समाज में आदर्श स्थापित करते है तथा अभिनंदन के पात्र होते हैं ।
श्री लोढा बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी – सुश्री नटराजन
                समारोह की अतिथि एवं पूर्व सांसद सुश्री मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि श्री सुरेन्द्र लोढा बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी है। उन्होने अखबार के माध्यम से समाज में जागृति पैदा की है। सुश्री नटराजन ने कहा कि सन 2009 में जब वे मंदसौर आई, तब श्री सुरेन्द्र लोढा का उन्हे स्नेह मिला । श्री इोढा ने अपने जीवन में सदैव संघर्ष को आत्मसात किया तथा सबके प्रति स्नेह भाव रखते हुए अपनी पट्टाकारिता ,राजनैतिक व सामाजिक धर्म को निभाया है ।
विकास के मुद्दो पर मिलते है सुझाव – श्री सिसौदिया
                    समारोह के अतिथि एवं मंदसौर विधायक श्री यशपालसिंह सिसौदिया ने कहा कि श्री सुरेन्द्र लोढा विकास के मुद्दे पर जो भी सुझाव देते है । उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को  वे तत्काइ क्रियान्वयन कराने का प्रयास करते है। श्री सिसौदिया ने कहा कि ध्वज ने पत्रकारिता के क्षेट्टा में एक आदर्श स्थापित किया है और आज भी उन्ही आदर्शो के इिए काम कर रहा है ।  श्री लोढा ने समाजिक व राजनैतिक क्षेत्र में एक अपनी अइग पहचान बनाई। उन्होने सदैव सिद्धांतो को आत्मसात किया ।
ध्वज ने अपने सिद्धांतो पर काम किया – श्री चावला
                 समारोह के अतिथि एवं पूर्व मंत्री श्री कैलाश चावला ने कहा कि श्री सुरेन्द्र लोढा के व्यक्तित्व से कई चीजे सीखने को मिलती है । उन्होने कहा कि ध्वज ने कभी भी पक्ष – विपक्ष के साथ भेदभाव नही किया है ।  सबकी खबर को प्राथमिकता दी है । प्रतिस्पर्धा के दौर में आज भी ध्वज अपने सिद्धांतो व मुल्यों पर डटा हुआ है   और अपनी सेवाओ को जारी रखे हुए है ।
      पट्टाकारिता के मापदंडो पर ध्वज खरा उतरा – श्री नाहटा
                  समारोह के अतिथि एवं पूर्व मंत्री श्री नरेन्द्र नाहटा ने कहा कि  श्री सुरेन्द्र लोढा उनके सहपाठी रहे है। पत्रकारिता के मापदंडो पर ध्वज सदैव खरा उतरा है। श्री सुरेन्द्र लोढा ने सामाजिक क्षेत्र में भी दृढता के साथ काम किया है।
                      समारोह में अतिथि के रुप में जिला भाजपा अध्यक्ष श्री नानालाल अटोलिया एंव जिला कांग्रेस के अध्यक्ष श्री नवकृष्ण पाटिल भी मंचासीन  थे । स्वागत भाषण आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री मंगेश भाचावत ने दिया  एवं सुरेन्द्र लोढा के सेवा कार्यो का उल्लेख किया।  इस अवसर पर राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोत एवं अतिथियों को शाल ओढाकर प्रतिक चिन्ह  सर्वश्री पारसमइ लोढा, संजय लोढा, नरेश लोढा, सतीश लोढा, अजय लोढा, सुधीर लोढा, मनीष लोढा व भुपेश लोढा ने भेंट किए। अतिथियों का स्वागत आयोजन समिति के अध्यक्ष मंगेश भाचावत, जैन शिक्षण प्रसार समिति के सचिव गजराज जैन, जैन शिक्षण प्रसार समिति के अध्यक्ष गजेन्द्र हींगड, बडेसाथ ओसवाल समाज के सह संयोजक विजय खटोड, आयोजन समिति के उपाध्यक्ष महावीर अग्रवाल, संयोजक अशोक झलौया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र पुराणिक, महासचिव सत्येन्द्रसिंह सोम व वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री एमके कुरेशी ने किया।
इस अवसर पर सुरेन्द्र लोढा अभिनंदन ग्रंथ का विमोचन भी अतिथियोंने किया। इस दौरान सम्पादक शांतिलाल सगरावत, कोमलसिंह तोमर, आशुतोष नवाल, ब्रजेश जोशी, अशोक झलौया, महावीर अग्रवाल  आदि उपस्थित थे। समारोह में त्रिस्तुतिक जैन श्री संघ द्वारा श्री सुरेन्द्र लोढा को जैन रत्न की उपाधि प्रदान की गई। इस दौरान त्रिस्तुतिक संघ के अध्यक्ष गजेन्द्र हींगड, कोषाध्यक्ष जिनेन्द्र सिसौदिया, सचिव अशोक खाबिया,  देवेन्द्र चपरोत, मनोहर सोनगरा, राजेन्द्र सुराणा आदि मौजुद थे। कार्यक्रम के दौरान श्री सुरेन्द्र लोढा को अभिनंदन पत्र राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोत व त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ के राष्ट्रीय  संरक्षक श्री चैतन्य काश्यप व अन्य अतिथियों ने भेंट किया । इस दौरान श्री इोढा का स्वागत भी किया गया। अभिनंदन पत्र का वाचन भी इस अवसर पर हुआ। समारोह के प्रारंभ अवसर पर राष्ट्रगान की धुन पुलिस बैंड द्वारा बजाई गई।  कार्यक्रम के अंत में भी राष्ट्रगान की धुन की प्रस्तुति हुई। इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार श्री ब्रजेश जोशी एवं श्रीमती चंदा कोठारी ने किया। आभार आयोजन समिति के संयोजक श्री अशोक झलौया ने माना।