राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा जिला मंदसौर की मल्हारगढ़ में बैठक संपन्न

3:03 pm or November 8, 2020
राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा जिला मंदसौर की मल्हारगढ़ में बैठक संपन्न
महावीर अग्रवाल 
मन्दसौर ८ नवंबर ;अभी तक; राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा जिला मंदसौर की मल्हारगढ़ में बैठक संपन्न हुई। जिसमें उपस्थित सभी कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली का संकल्प लिया।
                बैठक को संबोधित राज्य शिक्षक संघ मध्य प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष मोर्चा जिला अध्यक्ष एवं पुरानी पेंशन बहाली उज्जैन संभाग प्रभारी श्री गजराज सिंह सिसोदिया ने कहा कि देश में 1 जनवरी 2004 व मध्यप्रदेश में 1 जनवरी 2005 से कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर बाजार आधारित नई पेंशन योजना को लागू कर दिया गया जिससे सेवानिवृत्ति के बाद प्राप्त पेंशन अत्यन्त न्यून व असंतोषजनक है, जिससे कर्मचारी का भविष्य सुरक्षित नहीं हैं देश को अपनी वर्षों की सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारी आर्थिक तंगहाली के कारण दर-दर भटक रहे है। अतः कर्मचारियों की पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करवाकर कर्मचारियों व उनके परिवारों के भविष्य को सुरक्षित कर उनके साथ न्याय करेंगे।
                 राज्य शिक्षक संघ मध्य प्रदेश के जिला महासचिव एवं राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष अनिल सांखला ने कहा कि उम्र भर सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त  होने पर कर्मचारी को सरकार असहाय व लाचार नहीं छोड़ सकती। सरकारों द्वारा 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारी को पुरानी पेंशन के स्थान पर न्यू पेंशन स्कीम दे रही है जो बाजार जोखिमों पर आधारित है जिसमें पैसा डूबने के पूरे आसार है। हमारा पैसा ही हमें पूर्ण रूप से नहीं मिलता।
                    अध्यापक संघ के जिला उपाध्यक्ष देवीलाल सुनार्थी, कीर्तिपालसिंह सिसोदिया, जिला सचिव चंद्रपाल सिंह शक्तावत, जिला प्रवक्ता हेमंत सुथार, मल्हारगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष प्रहलाद खटोड़, संरक्षक देवीलाल परिहार,दिनदयालसिंह शक्तावत ने भी संबोधित कर कहा कि हमारे माननीय द्वारा अपने लिये एक से अधिक पेंशन और कर्मचारियों के लिये एक भी पेंशन नहीं। इस एनपीएस के कारण वर्तमान में सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारी शिक्षकों को 500 से 700 रूपये मासिक पेंशन बन रही है। जो बुढ़ापे में किसी काम की नहीं। बुढ़ापे में यदि शुगर, बी.पी. थाईराईड, हृदय रोग आदि बिमारियां हो गई तो ईलाज के लिये पैसे-पैसे को मोहताज होना पड़ेगा। उस समय जीवन मरण का प्रश्न उत्पन्न हो जाएगी। अतः 2004 के बाद लगे सभी कर्मचारियों को एवं 1998 से कार्यरत शिक्षाकर्मी अध्यापक को एनपीएस की जगह पुरानी पेंशन ही मिलना चाहिए।
                इस अवसर पर अध्यापक साथी पंकज दलवी, लोमन ओझा, वीरेन्द्रसिंह शक्तावत,ने भी अपने विचार रखे। बैठक का संचालन ब्लॉक अध्यक्ष प्रहलाद खटोड़ ने किया एवं आभार जिला सचिव चंद्रपाल सिंह शक्तावत ने माना। उपस्थित सभी साथियों ने पुरानी पेंशन बहाली हेतु माननीय प्रधानमंत्री जी  भारत सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री जी मध्यप्रदेश शासन को  पोस्टकार्ड भी लिखे।
इस अवसर पर ललिता पाटीदार, छाया पाटीदार, गायत्री रत्नावत, सपना चंदेल, देवकन्या पाटीदार, कान्ता पाटीदार, राधा अग्रवाल, आशा अग्रवाल, संतोष सुरावत, चंचल जैन, उषा जैन, चन्दा जैन, मंजू परमार, वर्षा परमार, कमलसिंह सिकरवार, वीरेन्द्रसिह शक्तावत, चन्द्रपालसिह शक्तावत, बलवंत चड़ावत, स्वामीनाथन सौलंकी, गोपाल शर्मा, धर्मेन्द्र चौहान, राजेन्द्रकुमार यादव, राधेश्याम काटकड़, दीनदयाल शक्तावत, कीर्तिपालसिंह सिसौदिया, बालमुकुन्द वर्मा, राजेन्द्र आर्य, जगदीश पालीवाल, कोमल परिहार, प्रदीपकुमार हिन्दल, उत्तम परिहार, वीरेन्द्र पाटीदार, दशरथ सालवी, विक्रम जैन, युसुफ खान जैदी, पंकज कुमार, संदीप जैन, विनोद चौहान, सोहराब खान, रविन्द्र दायल, सुरेशचन्द्र व्यास, देवीलाल परिहार, हेमलता सौलंकी, मिश्रीलाल बारेट, मुकेश जैन आदि उपस्थित थे।

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