राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रकट कार्यक्रम सम्पन्न,  249 स्वयंसेवकों ने 20 दिन तक संघ शिक्षा प्राप्त की

3:19 pm or June 6, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर ६ जून ;अभी तक;  संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष (तरुण व्यवसाई) 2022 मंदसौर का समापन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रकट कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें 249 स्वयंसेवकों ने 20 दिन की कठोर तपस्या कर जो सीखा है उसका समाज के सामने प्रकटीकरण किया गया है । कार्यक्रम में दंड युद्ध, यष्टि सामूहिक आसन, योग क्षमता, सामूहिक सूर्य नमस्कार, सामूहिक क्षमता का प्रदर्शन के प्रत्यक्ष दर्शी समाज से आए 4600 समाजजन बने।
                प्रकट कार्यक्रम में मंच पर वर्गाअधिकारी एवं रतलाम नगर के नगर संघचालक श्री राजेश पटेल, मंदसौर जिले के जिला संघचालक श्री आर.एल. बोरीवाल एवं मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी व उद्योगपति श्री प्रदीप कीमती रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मालवा प्रांत के प्रांत प्रचारक  बलिराम पटेल भी उपस्थित थे।
                   प्रकट कार्यक्रम में वक्ता श्री पटेल ने संघ का स्पष्ट स्वरूप प्रस्तुत करते हुए कहा कि अब परम वैभवी भारत निर्मित होगा अर्थात इस राष्ट्र के निर्माण में कई उतार-चढ़ाव आए परंतु देश की  अखंड शक्ति निरंतर राष्ट्र के निर्माण में लगी रही व भारत को परम वैभव पर ले जाने में सतत चलती रही, इसी क्रम में 1925 में संघ की स्थापना हुई संघ का विचार ही भारत का विचार है। अतः डॉक्टर साहब अपनी दृष्टि से ही भारत को परम वैभव युक्त देखना चाहते थे । आज यह हमारा कर्तव्य है कि भारत परम वैभव पर पहुंचे। आपने कहा कि 1975 में आपातकाल लगा आपातकाल में संघ के स्वयंसेवकों ने ‘‘सत्य का आधार लेकर हम हिमालय से खड़े है’’ं इस विषय को स्पष्ट स्वयंसेवकों ने चरितार्थ किया था। आज भारत का समाज  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की और आशावान दृष्टि से देख रहा है। महात्मा गांधी ने कहा था कि भारत में रामराज्य आना चाहिए। विवेकानंद ने कहा था कि आने वाले 50 साल तक भारत माता की सेवा करें, उसी प्रकार डॉक्टर हेडगेवार ने कहा भारत परम वैभव तक पहुंचना चाहिए। बाला साहब देवराज कहते थे कि शाखा केवल खेल खेलने का स्थान नहीं है यह तो राष्ट्र निर्माण की जननी है।  स्वयंसेवक निरंतर संघ स्थापना के बाद से राष्ट्र सेवा में लगा है। 1945 में भारत विभाजन की त्रासदी हो या बंगाल विभाजन की त्रासदी हो कोरोना काल में सेवा कार्य हो या 1962 में चीन युद्ध के बाद हो आरएसएस का स्वयंसेवक निरंतर देश हित राष्ट्र रक्षा एवं देश सेवा हेतु सदा तत्पर रहता है। संघ सामाजिक समरसता का कार्य निरंतर कर रहा है। आपने कहा कि समाज को हिंदुत्व हमारे घर से प्रारंभ करना चाहिए। वक्ता द्वारा समाज को प्रबोधन किया गया उसके पश्चात वर्ग कार्यवाही द्वारा वर्ग प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया जिसमें 8000 परिवारों से रोटी एकत्रित कर खिलाई गई 71 गांव में संघ के कार्यकर्ता ग्राम दर्शन हेतु गए एवं 153 परिवार द्वारा मातृहस्त भोजन स्वयंसेवकों को वर्ग स्थल पर कराया गया। तत्पश्चात वर्ग का प्रतिवेदन वर्ग कारवा धर्मेंद्र पाटीदार ने प्रस्तुत किया । विभाग कार्यवाह श्री रामेश्वर धाकड़ ने आभार व्यक्त किया एवं कार्यक्रम का समापन हुआ।