रिजल्ट देर से जारी होने में छात्रों का दोष नहीं, हाईकोर्ट ने दिये प्रीपीजी परीक्षा में षामिल करने के निर्देष

5:52 pm or January 25, 2023

सिद्धार्थ पांडेय 

जबलपुर २५ जनवरी ;अभी तक;  मप्र मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी द्वारा देरी से रिजल्ट जारी किये जाने कारण प्रीपीसी परीक्षा से षामिल नहीं हो पाने के चुनौत देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विषाल मिश्रा की युगलपीठ ने तीन याचिकाकर्ता डाॅक्टरो को परीक्षा में षामिल करने के आदेष जारी किये है। युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

इंदौर निवासी श्रेया जैन व अन्य की तरफ दायर याचिका में कहा गया था कि मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी द्वारा मई 2022 में आयोजित एमबीबीएस अंतिम वर्ष की परीक्षा में वह षामिल हुई थी। जिसका रिजल्ट यूनिवर्सिटी द्वारा 25 जुलाई 2022 में जारी किया गया था। रिजल्ट आने के बाद उन्हें एक साल की इंटर्नषिप करनी थी,जो 25 जुलाई 2023 को पूर्ण होगी।

याचिकाकर्ताओं की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता आदित्य संघी ने युगलपीठ को बताया कि एनएमसी तथा केन्द्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार नीट की प्रीपीजी परीक्षा के लिए इंटर्नषिप 30 जून से पहले पूर्ण करना आवष्यक है। यूनिवर्सिटी द्वारा देर से रिजल्ट जारी करने के कारण याचिकाकर्ता को खामिजाया भुगतना पड रहा है। याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत प्रदान की। युगलपीठ ने केन्द्रीय व राज्य सरकार के स्वास्व एव परिवार कल्याण विभाग,नेषनल मेडिकल कमीषन,नेषनल बोर्ड आॅफ एग्जामिनेषन इन मेडिकल साइंस तथा मेडिकल यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।