रेफर आदिवासी महिला ने इंदौर में उपचार दोरान तोडा दम फिर पुुलिस हस्तक्षेप.से खंडवा में हुआ पीएम

5:30 pm or August 6, 2022
मयंक शर्मा
खंडवा ६ अगस्त  ; अभी तक;  निजि क्षेत्र कि नसिगब होम की एक महिला  डाक्टर द्वारा इलाज और आपरेशन में की गई लापरवाही से एक आदिवासी विधववा महिला की अकाल मौत हो गयी। मृतका के पेट दर्द होने पर परिजन स्थानीय अस्पताल लाए थे लेकिन यहां एक के बाद एक दो आपरेशन कर दिए। तबीयत बिगड़ने पर मरीज को इंदौर के निजी अस्पताल में रेफर कर दिया, लेकिन महिला की जान नहीं बच सकी।
                  मृतिका हीरापुर निवासी महिला 22 वर्षीय सुमित्राबाई पति अखिलेश है। शहर की प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रेणु सोनी पर एक महिला मरीज के परिजन ने गंभीर आरोप लगाएं है। नौबत यहां तक आ चुकी कि पुलिस को अस्पताल तक पहुंचना पड़ा। डॉक्टर के दिए दर्द की इंतेहा कुछ ऐसी कि मासूम बच्चों की एक विधवा मां को मामूली पेट दर्द था। डॉक्टर ने बच्चेदानी का ऑपरेशन कर दिया। फिर अगले दिन जबरन ही दूसरा (अज्ञात) ऑपरेशन कर डाला। विधवा को जिंदा लाश बना दिया।  मृतक महिला सुमित्रा पति अखिलेश जाति-भील निवासी ग्राम हीरापुर पंधाना विधानसभा से है।
                     मृतका के जेठ पन्नालाल ने बताया कि  पेट दर्द होने पर वह दूध तलाई स्थित डॉ. रेणु सोनी के नए अस्पताल पहुंचे थे। यहां डॉक्टर सोनी ने चेकअप कर सोनोग्राफी कराने की सलाह दी। परिजन ने तत्काल सोनोग्राफी कराई, जो कि नार्मल थी। इसके बावजूद डॉक्टर ने भ्रम पैदा कर दिया कि बच्चेदानी में गठान है, जिसका ऑपरेशन करवाना होगा।एक दिने ऑपरेशन हुआ। इसके अगले दिन ही मरीज को दोबारा ऑपरेशन थियेटर में ले गए, जहां दूसरी बार ऑपरेशन हुआ। परिजन ने डॉक्टर से पूछा कि यह दूसरा ऑपरेशन किस बीमारी के लिए था। इसका जवाब डॉक्टर ने सिर्फ इतना दिया कि आप तो 50 हजार रुपए लेकर आओ। परिवार वाले गांव गए और खड़ी फसल वाले खेत को गिरवी रख दिया। कुछ पैसा साहूकार और रिश्तेदारों से लेकर 35 हजार रुपए डॉक्टर को दिए और 20 हजार रुपए अलग से मेडिकल दवाईयों पर किया।
                    नगर के पड़ावा स्थित एक अस्पताल में आपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर इंदौर रेफर सुमित्राबाई की शुक्रवार को उपचार के दौरान मौत हो गई थी।मोघट थाना प्रभाारी ईश्वर सिंह चैहान ने कहा कि  परिजन दोपहर में महिला के शव को इंदौर से लाने के बाद जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के लिए पहुंचे। मौत इंदौर में होने से डाक्टर की आनाकानी को देखते हुए खंडवा पुलिस के हस्तक्षेप के बाद यहां पोस्टमार्टम हो सका। पुलिस ने पोस्टमार्टम बाद शव परिजन को सौंपा दिया है।
                 थाना  प्रभाारी ईश्वर सिंह चैहान, ने कहाकि  इंदौर में उपचार के दौरान सुमित्रा बाई की मौत हुई है। परिवार ने डाक्टर रेणु सोनी पर उपचार में लापरवाही बरतने और बिना बताए आपरेशन करने का आरोप लगाया है। इस मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। मृतका के  जेठ पन्नाालाल ने शुक्रवार को शव के पोस्टमार्टम के दौरान यह आरोप लगाते हुए नर्सिंग होम संचालक डा. रेणु सोनी पर कार्रवाई करने की मांग पुलिस व प्रशासन से की है।
                    जिला पंचायत सदस्य मनोज भरतकर ने बताया कि निजी अस्पताल की लापरवाही से महिला की मौत हुई है। इसलिए उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।महिला के जेठ पन्नाालाल ने कहा कि सुुमित्रा बाई को भर्ती करने पर जमा किए गए 35 हजार
रुपये खेत गिरवी रखकर जुटाए थे। वहीं इंदौर में उपचार के लिए डा. सोनी द्वारा जमा करवाए गए तीन लाख में से दो लाख 30 हजार रुपये उपचार में खर्च हुए थे। सुमित्रा की मौत के बाद शेष 70 हजार रुपये अस्पताल ने डा.रेणु सोनी को वापस लौटाए है।
0हंगामे के बाद दोनो पक्षों में हुआ था समझौता
                  ज्ञातव्य है कि  दो आपरेशन के बाद तबियत बिगडने पर  शुक्रवार  को  यहां हुये हगामे के बाद महिला के परिजन और डाक्टर के बीच उपचार को लेकर समझौता हुआ था। इसमें डाक्टर ने लिखित में रेफर किये जाने के बाद उपचार का पूरा
खर्चा उठाने पर सहमति जताई थी। इसके बाद महिला को इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां उसकी मौत हो गयी।
                   जेठ पन्नालाल ने यह भी कहा कि खंडवा के निजि क्षेत्र के सोनी अस्पताल से रेफर आदिवासी महिला की इंदौर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। दो दिन पहले ही महिला के परिजन ने मोघट थाने में शिकायत की थी कि डाॅक्टर रेणु भरत सोनी ने रुपए की लालच में बगैर पूछे दो ऑपरेशन कर दिए। जिससे कि पीड़िता जिंदा लाश की तरह हो गई है। उन्होने मांग की कि  डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।
                 नर्सिंग होम संचालक डा. भरत सोनी ने कहा कि पीडित महिला की बच्चेदानी में संक्रमण की वजह से पहला आपरेशन किया गया था। बाद में आंतों में सड़न के कारण दूसरा आपरेशन कर मलद्वार को बायपास किया था। महिला की तबीयत में सुधार नहीं होने पर इंदौर ले जाने के लिए परिजन को कहते रहे। मानवीय आधार पर हमने उपचार का खर्च उठाने का लिखित समझौता कर उन्हें भेजा था। उपचार में लापरवाही जैसी कोई बात नहीं है। मामले में सीएमएचओ कार्यालय से नोटिस मिला है।
                  सीएमएचओ डाॅ. शरदद हरणे ने बतायाकि  पुलिस से प्राप्त पत्र और पीडिता के परिजन के कथनों के आधार पर अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया गया है। सीएमएचओ ने कहाकि  मामले में उचित जांच कर मार्गदर्शन मांगा। इसके बाद
जांच दल दूध तलाई स्थित सोनी अस्पताल पहुंचा। यहां डॉक्टर सेानी दंपत्ति ने पेशेंट के परिजन के साथ समझौता कर लिया। स्टॉम्प पर हुए समझौता में तय हुआ कि पीड़िता की हालत गंभीर है। डॉक्टर रेणु भरत सोनी की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है। इसलिए इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज का खर्च डॉक्टर रेणु भरत सोनी ही वहन करेगी। इंदौर में महिला का तीसरा ऑपरेशन
हुआ, लेकिन अब इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया।अब पीडिता की मौत होचुकी है। ं महिला के उपचार की जानकारी और दस्तावेज मांगे है। यदि लापरवाही साबित होगी तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।