लातूर में बंधक बनाये गये 12 मजदूर सुरक्षित पहुंचे बालाघाट 2-2 हजार रूपये दी , गई सहायता राशि

आनंद ताम्रकार

बालाघाट ११ जनवरी ;अभी तक; महाराष्‍ट्र के लातूर में बंधक बनाकर रखे गये परसवाड़ा क्षेत्र के ग्राम पंचायत घोड़ादही के व चंदना के मजदूरों को जिला प्रशासन बालाघाट की तत्वरता से सुरक्षित बालाघाट वापस ला लिया गया है। इन मजदूरों को उकवा के दो ठेकेदारो द्वारा काम दिलवाले के बहाने लेकर गये थे । जहां पर उनके साथ मारपीट की जाती थी।

बालाघाट आने पर मजदूरों को कलेक्‍ट्रेट लाया गया, यहा पर कलेक्‍टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रापुलिस अधिक्षक अभिषेक तिवारी ने मजदूरो से उनका हाल चाल जाना और उनकी आपबीती सुनी। कलेक्‍टर द्वारा मजदुरों को त्‍वरित रेडक्रास की सहायता से 22 हजार रूपये राशि प्रदान की गई है ।

जिला श्रम अधिकारी सुश्री दामिनी सिंह ने बताया कि उकवा के दो ठेकेदारो द्वारा मजदुरो को बहला फुसला कर लातूर ले जाया गया था । जहां उन्‍हे बंधक बनाकर उनसे काम करवाया जा रहा था। सभी मजदूरों से उनका मोबाईल छीन लिया गया था। उन्हीं में से एक मनोज ओहाडे नामक मजदूर ने अपने मोबाइल को छुपा रखा था । मनोज ने अपने घर वालों को कॉल कर सूचना दिया कि हम लोग लातूर जिले में फंसे है।

कलेक्टर डॉ मिश्रा ने लातूर में जिले के मजदूरों को बंधक बनाये जाने की सूचना मिलने पर तुरंत लातूर के जिला प्रशासन से सम्पर्क कर मजदूरों को बंधक बनाकर रखे गये स्थान का पता करवाया और उन्हें लाने के लिए टीम रवाना की गई थी। आज 11 जनवरी 2022 को सभी 12 मजदूर अपने जिले मे वापस सुरक्षित लौट आए  है। उनका जिला चिकित्‍सालय में प्राथमिक उपचार करवाया जा रहा है । इन मजदूरों को लातूर ले जाने वाले उकवा के दोनो ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज कर दंडात्‍मक कार्रवाई की जायेगी ।