लापरवाही- बिना गए ही लग गई सेकेंड  डोज, आ गया वैक्सीनेशन कंप्लीट होने का मैसेज

10:52 am or December 25, 2021

मंडला के नारायणगंज से प्रहलाद कछवाहा

मंडला २५ दिसंबर ;अभी तक;  मंडला जिले के बम्हनी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मुख्यालय के नजदीकी ग्राम देवदरा के आंनद कालोनी निवासी एक ही परिवार के दो सदस्यों को कोविशील्ड का दूसरा डोज बिना टीकाकरण केन्द्र पहुंचे लगा दिया गया। वैक्सीनेशन के बाद इसका मैसेज भी दोनों सदस्यों के नबंर पर भी पहुंच गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इतनी हद दर्जे की लापरवाही बरती जा रही है कि जो लोग वैक्सीन सेंटर तक पहुंचे भी नहीं, दूसरी डोज लगवाई भी नहीं, उनके पास एसएमएस आ रहा है कि आपकी दूसरी डोज लग गई है। ऐसे मैसेज उन लोगों को भेजे जा रहे हैं, जिन्होंने पहली डोज लगवा ली, लेकिन दूसरी डोज का नियत समय आ चुका है। कागजों में लग रही वैक्सीन आंकड़े पूरा करने का फर्जीवाड़ा मंडला जिले में विगत कुछ दिनों से चर्चा में है। यहां तो जीवित व्यक्ति को दूसरी डोज बिना वैक्सीन सेंटर पहुंचे लगाने के साथ मृत व्यक्तियों को भी कोविड वैक्सीन लगाई जा रही है। यह लापरवाही कैसे और क्यों हो रही है, विभाग के भी समझ से परे है।

बताया गया कि दूसरी डोज का टीकाकरण के ऐसे बहुत से मामले सामने आए है, जिन्हें पहला डोज लग गया है और दूसरा डोज लगने वाला है, वहीं मृत व्यक्तियों को भी स्वास्थ्य विभाग का अमला वैक्सीन लगा रहा है। वैक्सीन लगवाने के बाद वैक्सीनेशन कम्पलीट का सर्टिफिकेट भी जारी हो रहा है। अब लोग इसी परेशानी में हैं की उन्होंने दूसरी डोज लगवाई नहीं और उनके पास दूसरी डोज कम्पलीट होने का मैसेज आ गया। अब वह दूसरी डोज कैसे लगवाएं। ऐसे कई लोग हैं जो मुख्यालय में उस दिन थे ही नहीं और उन्हें वैक्सीन की दूसरी डोज लग गई और दूसरी डोज लगने का मैसेज उनके मोबाइल पर पहुंच चुका है।

नंबर फीड करने में हो रही लापरवाही:

बता दे कि जब इस मामले मेंं जिला टीकाकरण अधिकारी से बात की गई तो उनका कहना था कि पोर्टल में ऑपरेटर के माध्यम से गलती हो रही होगी। यदि लोगों को कोविड-19 का दूसरा डोज नहीं लगा और उनके मोबाइल फोन पर मैसेज पहुंच गया है तो, कोई परेशानी नहीं है, उन्हें वैक्सीन फिर भी लग जाएगी। पोर्टल पर मोबाइल नंबर फीड करने में गलती हो रही होगी। जिसके कारण मैसेज उनके पास पहुंचा होगा।

टारगेट पूरा करने लापरवाही :

कोविड वैक्सीन के लिए निर्देश मिले है कि दिसंबर माह तक सेंकेड डोज का टीकाकरण शत प्रतिशत करना है। इसके लिए जागरूकता अभियान के साथ वैक्सीनेशन महा अभियान भी चलाया जा रहा है। लेकिन वैक्सीनेशन की एंट्री में लापरवाही बरती जा रही है। प्रथम डोज जिन लोगों को लगवा लिए है, उनमें से अधिकत्तर लोग सेंकेड डोज का टीका लगवाने नहीं पहुंच रहे है। जिससे टारगेट को पूरा करने में स्वास्थ्य विभाग को परेशानी उठानी पड़ रही है। बता दे कि  जिन्होंने सेकेंड डोज नहीं लगवाया है, उन लोगों को वैक्सीन लग जाने का मैसेज भी बिना टीका लगवाए पहुंच रहा है। यदि मैसेज हितग्राही के पास पहुंच रहा है तो यहां स्वास्थ्य विभाग की ही लापरवाही है। जिस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

केस – 1
प्रतीक खरे ने बताया की 16 दिसंबर को वह जिला मुख्यालय में ही नहीं था, और उनके पास दूसरी डोज लगने का मैसेज उनके मोबाइल पर आ गया। प्रतीक ने बताया की उन्होंने पहली डोज 16 सितंबर को लगवाई थी दूसरी डोज लगवाने का उनके पास कोई मैसेज नहीं आया लेकिन दूसरी डोज 16 दिसंबर को ही लगनी थी, लेकिन उस दिन में जिले से करीब 60 किमी दूर था। अचानक वैक्सीनेशन कम्पीलीट का मैसेज देखकर अचंभित रह गए।

केस – 2
प्रतीक खरे ने बताया की उनकी भाभी सपना खरे को भी पहली डोज 16 सितंबर को लगी थी। दूसरी डोज लगवाने के लिए  उनके पास कोई मैसेज नहीं आया। इनका भी दूसरी डोज का समय 16 दिसंबर ही था, लेकिन सपना खरे भी उस दिन घर पर ही थी, लेकिन दूसरी डोज लगने का मैसेज आ गया कि आपको कोविशील्ड का दूसरा डोज सक्सेसफुल हो गया है।  आप सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते है।