लापरवाही से वाहन चलाकर  चोट कारित करने के मामले में वाहन चालक को छः माह की सजा* 

सौरभ तिवारी

होशंगाबाद १७ नवंबर ;अभी तक;  लापरवाही से वाहन चलाकर एक पिता-पुत्र को घायल करने वाले वाहन चालक को न्यायिक मजिस्ट्रेट नीरज सोनी की अदालत ने 6 माह की सजा से दंडित किया है।
                   सहायक जिला अभियोजन अधिकारी दिनेश कुमार यादव ने बताया कि  दिनांक 06 जून 2018  की  रात्रि  में  कोठी  बाजार  स्थित  कार्यालय  को  बंद  करके  राजीव अपने  पुत्र  विनायक  को मोटरसाइकिल में  पीछे  बैठाकर  घर  जाने  के  लिए निकले  थे  और    कामाख्या  गार्डन  से  मुड  कर  जैसे  ही  पुराने  विजय मेडिकल  चौराहा  सदर  बाजार  होशंगाबाद  पहुंचा  कि  होमगार्ड  कार्यालय  से  सदर बाजार की तरफ आ रही  फोर  व्हीलर  गाडी  जिसका  सफेद  कलर  था, जिसे  अज्ञात  चालक  तेज  व  लापरवाही  से  चलाकर  ला  रहा  था जिसे देख फरियादी  ने  रोड  के  पहले  ही मोटर  सायकल  को  रोक  ली,  तभी  उस  गाडी  के  चालक  ने  फरियादी  की  साईड में  आकर  फरियादी  की  मोटरसायकल  को  टककर  मार  दी। राजीव  व  विनायक  को  चोट  लगी।  वाहन  का  चालक  फरियादी  व  आहत  को  मोके  पर  ही छोड  कर  भाग  गया।  फरियादी  ने  फेान  कर  अपने  साथियों  को  बुलाया  और साथियों  ने  उसे  अस्पताल  में  भर्ती  कराया।  फरियादी द्वारा घटना की रिपोर्ट थाना कोतवाली में की गई विवेचना  के  दोरान  आरोपी  दिनेश  को गिरफतार  कर  वाहन  जप्त  किया।  आहतगण  राजीव  व  विनायक  को  फेक्चर  होने पर  338  भा0दं0सं0  का  इजाफा  किया  गया।  चालक  द्वारा  साक्ष्य  नष्ट  करने  के उददेश्य  से  दुर्घटना  करने  वाले  वाहन  को  सुधरवाया  गया,  जिससे  धारा  201  का इजाफा  किया  गया।
                 मामले के  विचारण न्यायिक मजिस्ट्रेट  नीरज सोनी जेएमएफसी के न्यायायल में चला शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी दिनेश कुमार यादव द्वारा की गई न्यायालय ने आरोपी को धारा 279 338 भा द स  व धारा 134 /187 एम व्ही एक्ट के अधीन दंडनीय  अपराध दोषी पाते हुए आरोपी दिनेश  उर्फ  दिन्नू  साहू को भा0द0वि0  की  धारा-338  शीर्ष  2  के  अपराध  के  लिये  प्रत्येक  शीर्ष  हेतु    छः-छः माह  का  सश्रम  कारावास  एवं  पांच-पांच  सौ  रूपये  के  अर्थदण्ड की सजा एवं घटना के बाद आहतगण को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध  नही कराने के लिएमोटर  यान  अधिनियम  की  धारा  134/187  के  अपराध  हेतु 500/-रूपये  के  अर्थदण्ड   की सजा सुनाई है।