लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार होगी मतदाता की पहचान बुथ ऐप के माध्यम से

महावीर अग्रवाल
मंदसौर १८  अक्टूबर ;अभी तक; टेक्नोलॉजी के इस युग में हर स्तर पर नवाचार किया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग ने भी इस बार यह निर्णय लिया है की प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाता की पहचान तथा उसकी उपस्थिति मतदान अधिकारी द्वारा मोबाइल से बुथ ऐप के द्वारा लगाई जाएगी।
                  निर्वाचन आयोग के निर्देश अनुसार प्रत्येक मतदाता को बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाता पर्ची दी जाएगी। इस मतदाता पर्ची पर क्यूआर कोड मुद्रित रहेगा। जब मतदाता इसे लेकर मतदान केंद्र पर पहुंचेगा तब वहां उपस्थित मतदान अधिकारी मोबाइल ऐप से क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे और मतदाता का नाम, आयु ,फोटो, मतदाता सूची का क्रमांक, एपिक नंबर आदि को देखकर चिन्हित मतदाता सूची में मिलान करके वोट डालने की अनुमति देगा। आयोग की इस व्यवस्था से अब मतदाता को मतदान केंद्र पर वोट डालने में कम समय लगेगा, एक मतदाता दो बार वोट नहीं डाल सकेगा, फर्जी मतदान नहीं होगा,
                 इस ऐप के उपयोग से आयोग को प्रत्येक मतदान केंद्र की पल-पल की रिपोर्ट प्राप्त होगी। यदि किसी मतदाता की पर्ची जो बीएलओ ने दी है वो अगर खो जाती है तो उसके लिए आयोग ने यह व्यवस्था दी है, कि मतदान अधिकारी एपिक नंबर, नाम ,सरल क्रमांक से भी मतदाता की उपस्थिति को ऐप के माध्यम से लगा सकेगा। यह ऐप मतदान अधिकारी के मोबाइल पर चलेगा जिसे निर्वाचन अधिकारी ने पंजीकृत किया है। अब किसी भी मतदान केंद्र की जानकारी को सत्य रूप से आयोग देख सकेगा तथा जानकारियों में त्रुटियां भी नहीं होगी क्योंकि मतदान अधिकारी जानकारियों का मिलान ऐप से कर सकेगा। मतदान अधिकारियों को मोबाइल ऐप चलाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनकी सभी शंकाओं का समाधान भी किया जाएगा। इसके लिए यह आवश्यक है कि मतदान अधिकारी के पास एंड्रॉयड फोन होना चाहिए। यह लेख मास्टर ट्रेनर श्री अशोक कुमार रावत द्वारा लिखा गया है।

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