लोकायुक्त पुलिस इंदौर की ट्रैप कार्यवाही’ः मंडीकर्मी फंसे।

मयंक शर्मा

खंडवा १४ सितम्बर ;अभी तक; आवेदक महेंद्र अग्रवाल के अनुसार उनके द्वारा शासन द्वारा निर्धारित
नियमों के आधार पर व्यापारियों को  वर्ष 2020 मे उनके स्थान से कृषि उपज
क्रय हेतु क्रय केंद्र के मंडी लाइसेंस दिए गए थे जिसकी समयावधि
निर्धारित नहीं थी जिस पर उनके द्वारा कृषि उपज क्रय किया गया था जिसका
मंडी टैक्स भी चुकाया गया था ।

पोर्टल 31 जून 2020 को बिना सूचना के बंद हो जाने से उनका कुछ कृषि उपज
विक्रय हेतु रह गया था जिसका उनके द्वारा पुनः मंडी शुल्क भुगतान कर उपज
विक्रय किया गया था। मंडी सहायक उपनिरीक्षको द्वारा उनके गोदाम चेक करने
पर स्टॉक में 141 क्वेंटल मक्का अतिरिक्त पाया गया जिसके लिए सहायक उप
निरीक्षकों द्वारा रिश्वत के रूप में  ₹80000 मांग किए जा रहे थे ।
जिसकी सूचना आवेदक द्वारा लोकायुक्त एसपी इंदौर को की गई जिस 13 सित. 21
को रिकॉर्डिंग कराई गई जिसमें बातचीत के दौरान ₹15000 मैं लेनदेन तय हुआ
।ं सभी सहायक उपनिरीक्षक  के तीन तीन हजार एवं मंडी सचिव के ₹5000
निर्धारित थे ।
इसी कडी  में लोकायुक्त टीम ने मंगलवार 14.सिंत को मंडी कार्यालय में
सुनील वास्कले सहायक उपनिरीक्षक मंडी को उनके कार्यालय में आवेदक महेंद्र
अग्रवाल से ₹12000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया गया ।₹2000
की राशि आरोपी क्रमांक 2 शुभम सोनी द्वारा पूर्व में ली जा चुकी थी ।
₹1000 की राशि अभी रिश्वत देते समय डीजल भरवाने के नाम पर आवेदक द्वारा
कम करा ली गई ।
लोकायुक्त टीम के निरिक्षक ने बताया कि  भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की
धारा 7, 13 (1) बी,120 (बी) आईपीसी के तहत मंडी कार्यालय में आरोपियो के
विरूद्ध कार्यवाही अभी जारी ।