वन भूमि का बखेडा इंदौर अकोला को फोर लेन मे तब्दील करने में आयेगा आडे

मयंक शर्मा

खंडवा २७ अगस्त ;अभी तक;  इंदौर से इच्छापुर हाईवे को अकोला तक का दो चरणें में फोरलेन किया जायेगा। यह राष्ट्ीय मार्ग होगा। फोरलेन का यह हिस्सा कोटा से हैदराबाद तक बनने वाले 1300 किमी के नेशनल हाईवे से जुड़ा होगा। यानी इसके बनने के बाद बुरहानपुर इंदौर और अकोला ही नहीं, बल्कि कोटा और हैदराबाद से भी सीधा जुड़ जाएगा।

प्रस्तावित पहले चरण के बोरगांव-बुरहानपुर-अकोला तक 176 किमी के फोरलेन का 67 किमी हिस्सा बुरहानपुर जिले से होकर गुजरने वाला है। इसमें आने वाली 26 किमी की कृषि और बंजर जमीन के लिए प्री-वेरिफिकेशन का काम शुरू हो गया है। फोरलेन निर्माण में बड़ी चुनौती 41किमी रोड के लिए वन भूमि का अधिग्रहण करना होगी।नेपानगर एसडीएम विशा माधवानी, ने बताया कि

‘फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण का प्री-वेरिफिकेशन सर्वे करने के लिए पत्र आ चुका है। क्षेत्र से गुजरने वाले फोरलेन की भूमि का प्री-वेरिफिकेशन शुरू कर दिया गया है। जल्द इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।नेपानगर एसडीएम विशा माधवानी, ने बताया कि फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण का प्री-वेरिफिकेशन सर्वे करने के लिए पत्र आ चुका है। क्षेत्र से गुजरने वाले फोरलेन की भूमि का प्री-वेरिफिकेशन शुरू कर दिया गया है। जल्द इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।

इसी तरह फोरलेन निर्माण में एक बड़ी कठिनाई जंबूपानी से महाराष्ट्र के उमापुर के बीच का पहाड़ी हिस्सा भी है। मार्च-अप्रैल में एनएचएआई का दल यहां सर्वे करने वाला था लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन लग गया। सर्वे नहीं हो पाया। अब इस मार्ग के लिए राशि जारी होने के बाद सर्वे भी फिर से होगा। पहाड़ी क्षेत्र वन भूमि पर ही है। इसमें बड़ी चुनौती स्थानीय पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए फोरलेन के लिए जमीन अधिग्रहित करना और सबसे आसान रास्ते को चुनना है। जनवरी में जिले में हुई बैठक में एनएचएआई ने पहाड़ी क्षेत्र में सुरंग निकालने के लिए भी सर्वे की बात कही थी। अब नए सिरे से जंबूपानी की पहाड़ी से रास्ता निकालने के लिए सर्वे होग

इंदौर से बड़वाह के बीच चोरल घाट और नेपानगर में लगभग एक समान दूरी की वन भूमि का अधिग्रहण होना है। 14 सितंबर से संसद सत्र शुरू हो रहा है। इसमें संबंधित विभाग के मंत्री और अफसरों से इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने का प्रयास करेंगे। कृषि और शासकीय जमीन अधिग्रहण के लिए अवार्ड पारित हो गया है। इसका सर्वे पूरा होते ही अधिग्रहण हो जाएगा।

सासंद नंदकुमारसिंह चैहान ने बताया फोरलेन इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ने वाला है। इससे क्षेत्र में विकास के रास्ते खुल जाएंगे। फोरलेन निर्माण में आ रही वन भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया लंबी होती है लेकिन इसे जल्द पूरा कराने का प्रयास कर रहे हैं।

श्री चैहान ने कहा बोरगांव से अकोला तक भूमि अधिग्रहण के लिए अवार्ड पारित हो चुका है। इसमें अब कोई अड़चन नहीं आएगी। वन विभाग की अनुमति की प्रक्रिया लंबी होती है लेकिन प्रयास होगा कि इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। नेपानगर अनुभाग में आने वाली कृषि और शासकीय भूमि अधिग्रहण के लिए प्री-वेरिफिकेशन के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसमें 10.95 किमी पर पहले ही सड़क बनी हुई है। हालांकि फोरलेन में यह मार्ग भी चैड़ा होगा।

सासंद नंदकुमारसिंह चैहान ने बताया फोरलेन इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ने वाला है। इससे क्षेत्र में विकास के रास्ते खुल जाएंगे। फोरलेन निर्माण में आ रही वन भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया लंबी होती है लेकिन इसे जल्द पूरा कराने का प्रयास कर रहे हैं।
बुरहानपुर से इंदौर की दूरी 180 किमी है लेकिन वर्तमान में हाईवे जर्जर होने के कारण इंदौर आने-जाने में सात घंटे तक का समय लग रहा है। 20 साल पहले इंदौर से इच्छापुर तक 210 किमी का हाईवे बना था। 2016 में वीवा हाईवेज का अनुबंध खत्म होने के बाद हाईवे एमपीआरडीसी के अधीन चला गया था। तब पूरे रोड की एक बार मरम्मत कराई गई थी। जनवरी में गजट नोटिफिकेशन जारी कर हाईवे को एनएचएआई के अधीन कर दिया गया था।

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