वरिष्ठ समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता श्री आसनदास सतीदासानी पंच तत्व में विलीन

महावीर अग्रवाल
मंदसौर १६ नवंबर ;अभी तक;  सिंधी समाज के वरिष्ठ एवं पूर्व पार्षद, वयोवृध्द कांग्रेस नेता श्री आसनदासजी सतीदासानी का दीर्ध आयु उपरांत सोमवार की सायं उनका निधन हो गया। मंगलवार को उनको अंतिम विदाई देने बडी संख्या में गणमान्य नागरिकगण मुक्तिधाम पहुंचे। सिंधी समाज को नई दिशा देने वाले आसनदासजी ने अपनी अमिट छाप समाज एवं धर्म के क्षेत्र में छोडी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचार एवं दर्शन से प्रभावित श्री आसनदासजी ने पार्षद एवं कांग्रेस संगठन में निस्वार्थ भाव से कार्य किया। मुक्तिधाम पर सभागार में शोकसभा के दौरान उनके निधन पर राजनैतिक एवं सिंधी समाज के गणमान्यजनो ने गहरा दुख प्रकट किया।
                       जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री नवकृष्ण पाटील ने राजनैतिक क्षेत्र में उनके दबंगता एवं साफगोई की प्रशंसा करते हुये उन्हे बिरला व्यक्तित्व बताया। उन्होनें जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से गहरा दुख प्रकट करते हुये संगठन की ओर से श्रृध्दाजंलि अर्पित की। वरिष्ठ अभिभाषक एवं पूर्व जिला कांग्रेस के अध्यक्ष श्री प्रकाश रातडिया ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुये कहा कि पाकिस्तान से आकर मंदसौर में अपने परिश्रम से आसदासनजी स्वयं स्थापित हुये बल्कि परिवार को भी आगे बढाया। तमाम प्रकार की व्यस्तताओ के बावजुद राजनैतिक एवं सिंधी समाज को समय देकर जनसेवा का कार्य किया। पूर्व नपाध्यक्ष श्री राम कोटवानी ने सिंधी समाज की संस्कृति को आगे बढाने में आसनदासजी के योगदान का स्मरण करते हुये उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने का सुझाव दिया।
                 इस दौरान गांधी स्मारक श्रमिक ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री त्रिदेव पाटीदार, सचिव श्री गोपाल गुरू, श्री खुबचंद्र शर्मा, अजा विभाग जिलाध्यक्ष  श्री तरूण खिची, जिला कांग्रेस महामंत्री श्री सुरेन्द्र कुमावत, जिला कांग्रेस प्रवक्ता सुरेश भाटी आदी ने भी शोकसभा में अपने विचार रखते हुये श्री आसनदासजी के निधन पर दुख प्रकट करते हुये परम पिता परमात्मा से उनकी आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की।
               इससे पूर्व उनकी शवयात्रा रेवासदेवडा रोड रामटेकरी स्थित उनके निवास स्थान से निकली। मुक्तिधाम पर उनके पुत्रो कन्हैया, रमेश हरिश, महेश, भतीजे राजु, विनोद एवं उनके पौत्रो ने मुखाग्नि दी।
             शोकसभा में सिंधी समाज के वरिष्ठ दृष्टानंद नेनवानी, ठाकुरदास खेराजानी, अनिल पमनानी, कन्हैयालाल लिमानी, मुरधीधर होतवानी, कैलाश मनवानी, वासुदेव  खेमानी, पार्षद जितेन्द्र सोपरा, सुदीप पाटील, घनश्याम चौहान, विरेन्द्र पंडित सहित बडी संख्या में गणमान्य नागरिको ने सम्मिलित होकर उन्हें अंतिम विदाई देते हुये श्रृध्दाजंलि अर्पित की।