वर्षो से जमें लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से किया गया व्यापक भ्रस्टाचार

9:45 pm or October 29, 2022

दीपक शर्मा

पन्ना २९ अक्टूबर ;अभी तक; जिले की देवेन्द्र नगर तहसील अन्तर्गत ग्राम कटन से गिरवारा होते हुए मढ़ी मोड़ तक जाने वाली अति महत्वपूर्ण सड़क की हालत अत्यंत खस्ताहाल है जिस कारण आये दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही है और जिम्मेदार वर्षो से जमें लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री मूकदर्शक बना हुये है। क्योकि सडक निर्माण कार्य मे संबंधित अधिकारीयों तथा ठेकेदार ने मिलकर व्याप्क फर्जीवाडा किया है। जिससे उक्त सडक मार्ग के बनने के कुछ महिनो बाद ही परखच्चे उड गयें है।

गौरतलब है कि सरकार द्वारा सडक मार्ग बनाने के लिए करोडो रूपये खर्च किये जाते है तथा सरकार की मंशा रहती है कि सडक मार्ग बनने से क्षेत्र का विकास हो जायेगा। लेकिन वर्तमान समय मे भ्रष्ट अधिकारीयों के द्वारा निर्माण कार्यो मे लीपा पोती करके ठेकेदार के माध्यम से आधे से अधिक राशि हडप कर ली जाती है जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता खत्म हो जाती है तथा संबंधित कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ जाता है। नवनिर्मित सड़क के पहली बारिश में ही परखच्चे उड गयें थें।

ज्ञात हो कि उक्त मार्ग अमानगंज-गुनौर से नागौद-सतना जाने वाला सीधा सुगम मार्ग है। जो कटन-गिरवारा-सेमरी होते हुए मढ़ी मोड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 943 को जोड़ता है, इस सड़क मार्ग की निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग पन्ना है, 2 वर्ष पूर्व निर्मित यह सड़क पहली बारिश ही नही झेल पाया था तथा गड्डो मे तब्दील हो गया था। लगातार मीडिया के द्वारा उक्त मामले को प्रकाशित किया गया था जिसके चलते तत्कालीन कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सडक मार्ग दुरस्थ करने के निर्देश दिये थें। उसके बाद ठेकेदार द्वारा मार्ग का सुधार कार्य कराया गया था। लेकिन फिर से उक्त मार्ग की वहीं स्थिती फिर हो गई है। स्थानीय लोगो ने तत्काल सडक मार्ग मे मरम्मद कार्य कराये जाने की मांग की है।

ज्ञात हो कि लोक निर्माण विभाग मे विगत 8 वर्ष से प्रभारी कार्य पालन यंत्री एबी साहू 10 वर्ष से सहायक यंत्री बीके त्रिपाठी तथा 20 वर्ष से उपयंत्री मनोज रिछारिया जमें हुए है। जो विभाग को लगातार खोखला कर रहें है। इनके द्वारा विभाग को मिलने वाला बजट ठिकाने लगाने के अलावा जिले के विकास के कोई रूची नही है। पन्ना जिले मे भ्रष्ट अधिकारीयों का बोल-बाला है तथा कई वर्षो से विभिन्न विभागो मे अधिकारी जमें हुए है। जो मनमाने ढंग से कार्य कर रहें है तथा शासन द्वारा प्राप्त बजट को ठिकाने लगाने मे लगें रहते है। जिले के जनप्रतिनिधि भी इसी तरह के अधिकारीयों को संरक्षण देते है तथा अच्छे अधिकारी लाने मे कोई रूची नही रखते है।