विज्ञान प्रतीक्षा कर सकता है किंतु स्वराज नहीं -आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे”

8:14 pm or August 2, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर २ अगस्त ;अभी तक;  राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मंदसौर के प्राचार्य डॉ.आर के सोहोनी ने बताया कि दिनांक 2 अगस्त 2022 को आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत रसायन विभाग द्वारा महाविद्यालय में भारतीय रसायन के जनक आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे के 161 वी वर्षगांठ के अवसर पर “कंट्रीब्यूशन ऑफ आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे टू इंडियन सोसायटी” थीम पर ऑन स्पॉट पोस्टर प्रेजेंटेशन का आयोजन किया गया |
                     सर्वप्रथम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रविंद्र कुमार सोहोनी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया| प्राचार्य डॉक्टर सोहोनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे के जीवन के बारे में विस्तार से बताया कि आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे ने मात्र ₹800 में दो कमरों की प्रयोगशाला से अपना शोध कार्य शुरू कर उसे बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स कंपनी के मुकाम तक पहुंचाया तथा अपना पूरा जीवन शोध कार्यों को समर्पित कर दिया|
                     प्राचार्य महोदय के उद्बोधन के पश्चात विद्यार्थियों द्वारा पोस्टर प्रेजेंटेशन किया गया पोस्टर प्रेजेंटेशन में प्रथम स्थान पर रहे संघर्ष राठौर कक्षा बीएससी द्वितीय वर्ष ने आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे के रसायन शास्त्र के अंतर्गत किए गए शोध कार्य जैसे मरक्यूरस नाइट्राइट अमोनियम और अल्काईल अमोनियम नाइट्रेट आदि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया |द्वितीय स्थान पर रही दीपशिखा कालड़ा एमएससी केमिस्ट्री ने आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे को मिले विभिन्न उपाधि व सम्मान जैसे” कंपनी अन ऑफ द इंडियन एंपायर”” फादर ऑफ इंडियन केमिस्ट्री” आदि के बारे में बताया| तृतीय स्थान पर घनश्याम प्रजापत तथा दीपेंद्र सिंह सिसोदिया एमएससी केमिस्ट्री रहे तथा रिया राणावत वंशिका राणावत को सांत्वना पुरस्कार दिया गया | इसी थीम पर आयोजित ड्राइंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर आंचल मिश्रा एमएससी केमिस्ट्री ,द्वितीय स्थान पर पलक मेहता बीकॉम फर्स्ट ईयर तथा तृतीय स्थान पर फिजा खान बीकॉम फर्स्ट ईयर रही | पोस्टर प्रेजेंटेशन के पश्चात रसायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर खुशबू मंडावरा ने आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे के शोध कार्यों जैसे आवर्त सारणी में कुछ अज्ञात धातु तथा उनके नाइट्रेट की खोज के बारे में जानकारी दी|
                  कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ रीना गामी ने किया तथा प्रतियोगिता  में डॉ.टी.के.झाला, डॉ.विनीता कुलश्रेष्ठ एवं डॉ संतोष कुमार शर्मा निर्णायक गण रहे | कार्यक्रम के अंत में आभार प्रोफेसर हंसराज पोसवाल ने माना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा रसायन विभाग से प्रोफ़ेसर सायमा परवीन ,प्रोफेसर शिवानी जाट, डॉ अंशु जैन ,प्रोफेसर प्रीति सिंह ,श्री दिनेश पवार ,श्रीमती शीला जैन, सुश्री रक्षा टोंगिया व मंगल गहलोत उपस्थित रहे तथा महाविद्यालय परिवार से डॉ.वीणा सिंह, प्रोफेसर संदीप सोंगरा डॉ.अनिल आर्य डॉ.कोमल मूलचंदानी, प्रोफेसर सचिन शर्मा, प्रोफेसर कविश पाटीदार एवं अन्य प्राध्यापक गण उपस्थित रहे|