विधायक देवीलाल धाकड़ ने की मुख्यमंत्री से भेंट, विभिन्न विकास कार्यों  के साथ गरोठ को जिला बनाने की मांग को फिर दोहराया

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर / गरोठ  २४ दिसंबर ;अभी तक;  विधायक देवीलाल धाकड़ ने भोपाल शीतकालिन सत्र के दौरान भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से भेंट कर गरोठ विधानसभा के विभिन्न विकास कार्यो की मांग की। ग्राम खाईखेड़ा व बासगोन मार्ग पर पुलिया,  सुरजना व खेरखेड़ा भाट को गरोठ तहसील में शामिल करने के साथ ही गरोठ को जिला बनाने की मांग को एक बार फिर दोहराया। विधायक धाकड़ गरोठ को जिला बनाने के लिए सतत प्रयासरथ हैं। मुख्यमंत्री चौहान से जल्द सभी विकास कार्यो को स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।
गरोठ से मंदसौर जिला मुख्यालय की दूरी करीब 90-100 किमी हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकारी तंत्र की भी कई व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं। ऐसे में गरोठ जिला बनता है तो गरोठ भानपुरा विधानसभा वासियों को सुविधा होगी। सालों से इसकी मांग की जा रहा हैं। विधायक धाकड़ इसके लिए प्रयासरथ हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश सरकार का शीतकालिन सत्र चल रहा हैं। विधायक देवीलाल धाकड़ भी सत्र में शामिल होने के लिए भोपाल पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से भेंट की और गरोठ को जिला बनाने की मांग को दोहराया। इस अवसर पर उन्होने अन्य विकास कार्यो के सबंधी में भी मुख्यमंत्री से चर्चा की।
*गरोठ तहसील में शामिल हो सुरजना व खेरखेड़ा भाट*
विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सुरजना व खेरखेड़ा भाट वर्तमान में तहसील भानपुरा में शामिल हैं। भानपुरा से सुरजना व खेरखेड़ा भाट की दूरी करीब 35 किमी हैं। जबकि  गरोठ तहसील मुख्यालय सिर्फ 15 कि.मी. पड़ता है। विधायक धाकड़ ने मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए बताया सुरजना व खेरखेड़ा भाट भानपुरा तहसील में सम्मिलित है बीच में चंबल नदी आ रही है और तहसील की दूरी भी अधिक हैं। अपनी समस्या को लेकर उक्त गांव के लोग पूर्व में चुनाव का बहिष्कार भी कर चुके हैं। ग्रामीणों को सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए उक्त गांवों को गरोठ तहसील में शामिल  करना उचित होगा।
*खाईखेड़ा व बासगोन मार्ग पर पुलिया की मांग*
आकली दिवान से खाईखेड़ा मार्ग के बीच नवीन पुलिया निर्माण
लंबे संमय से मांग की जा रही है। बारिश में पुलिया पुर होने से बच्चें को स्कूल जाने में समस्या होती है नाले में पानी भरा रहता हे और मार्ग अवरूद्ध हो जाता हैं। यहीं स्थिति बरखेड़ा लोया से बासगोन मार्ग की हैं। यहां से असर नदी निकल रही हैं। बारिश में गांधीसागर जलाशय का बेकवाटर भर जाने के मार्ग बंद हो जाता है। पुलिया के आभाव में किसानों और ग्रामीणों को 10 किमी अन्य मार्ग से होकर जाना पड़ता है। अत उक्त गांवों में बीच पुलिया निर्माण कार्य की स्वीकृति होती है तो यह क्षेत्र से लिए बड़ी उपलब्धी होगी।
*आगंनवाड़ी भवन की मांग*
ग्राम पंचायत ढलमु के ग्राम मगरा ढलमु में आंगनवाड़ी भवन नहीं है वर्तमान में प्रा. वि. में आंगनवाड़ी संचालित हो रही हैं। ऐसे में बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। मगरा ढलमु में आंगनवाड़ी भवन की स्वीकृति की जाती है तो बच्चों को सुविधा होगी।