विपणन संघ के अधिकारियों एवं राईस मिलर्स की सांठगांठ के चलते विपणन संघ द्वारा प्रदाय की जा रही धान महाराष्ट ले जाकर उंचे दामों में बेची जा रही

5:54 pm or August 1, 2020
आनंद ताम्रकार
बालाघाट एक अगस्त ;अभी तक;  शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान से चांवल बनाये जाने के लिये राज्य विपणन संघ द्वारा राईस मिलर्स से अनुबंध कर उन्हें धान प्रदाय की जाती है। लेकिन विपणन संघ के अधिकारियों एवं राईस मिलर्स की सांठगांठ के चलते उन्हें प्रदाय की गई धान को सीमावर्ती राज्य महाराष्ट ले जाकर उंचे दामों में बेची जा रही है और भारी मुनाफा कमाया जा रहा है।
                 इस कारगुजारी की आड़ में विपणन संघ के अधिकारी द्वारा तयशुदा कमीशन लेकर राईस मिलर्स द्वारा उन्हें प्रदाय की गई धान की अवैध बिक्री पर कोई अंकूश नही लगाते। इस तरह की अवैध बिक्री किये जाने का एक मामला गोंदिया महाराष्ट की पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही से प्रकाश में आया है। जिसमें माॅं एग्रो इंडस्टीज राईस मिलर्स को प्रदाय की गई धान से भरा ट्रक गोंदिया पहुंच गया गोदिया की रामनगर पुलिस थाने की पुलिस द्वारा ट्रक को रोककर पूछताछ करने एवं दस्तावेजों की जांच की गई तो पता चला की उक्त धान मध्यप्रदेश राज्य के बालाघाट जिले का होना पाया गया।
               इस आधार पर गोदिया पुलिस द्वारा बालाघाट पुलिस अधीक्षक को अवगत कराये जाने पर उक्त धान से लदे हुये ट्रक को पुलिस थाने में लाकर खडा करवा दिया गया एवं जांच प्रारंभ कर दी गई।
                 प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 जुलाई को जिले के ग्राम रजेगांव डिपो से ट्रक क्रमांक सीजी04 एमके 3025 में धान के 750 बोरे भरकर माॅ एग्रो इंडस्टीज को भिजवाया गया था लेकिन यह ट्रक संबंधित मिलर्स के यहां पहुंचने के बजाय गोदिया पहुंच गया।
जिला विपणन संघ अधिकारी द्वारा माॅ एग्रो इंडस्टीज को अन्य मिलर्स की अपेक्षा अधिक संख्या में रिलीज आर्डर जारी कर रजेगांव से धान प्रदाय की जाती है।
                  अधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2019-20 की अवधि में 30 जून 2020 की स्थिति के अनुसार माॅ एग्रो इंडस्टीज द्वारा 90 लाट धान लिये जाने हेतु अनुबंध करवाया गया था जिसके माध्यम से 3897.00 मेट्रीक टन धान दी जानी थी इसके लिये 85 डीओ जारी किये गये जिसमें मिलर्स को 3680.50 मेट्रीक टन धान प्रदाय की गई जिसमें से 80 लाट धान के मान से 3464.00 मेट्रीक टन धान की कस्टम मिंलिग कर 72 लाट के माध्यम से 2087 मेट्रीक टन चांवल आपूर्ति निगम को प्रदाय किया गया है।
मिलर्स द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार जितने लाट का अनुबंध कराया जाता है प्रति क्विंटल 5 रूपये की दर पर विपणन संघ के अधिकारी अपना कमीशन वसूलते है इस तरह कमीशन के तौर पर मिलर्स से करोडों रूपये वसूल किये जा रहे है जिसके एवज में अमानक तथा घटिया स्तर का चांवल जो उपभोग के काबिल नही है प्रदाय किया जा रहा है।
मिलर्स द्वारा उत्तर प्रदेश तथा बिहार में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से जो चांवल वितरित किया जा रहा है उसे खरीदकर बालाघाट जिले में प्रदाय कर रहे है जिला प्रशासन को इस बात की जानकारी देने के बावजूद इस गौरखधंधे और कमीशनबाजी पर अबतक कोई अंकूश नही लग पाया क्योकि उच्चस्तर पर मिलीभगत से पूरा खेल चलाया जा रहा है।

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