विवाह समारोह के पांच दिन पश्चात शामिल होने वालों की सैम्पलिंग होगी

मयंक भार्गव

बैतूल, 10 जून ;अभी तक;  कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस ने कहा है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अनलॉक के बाद विशेष सतर्कता बरती जाना जरूरी है। उन्होंने कहा है कि जिले के मैदानी क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए। साथ ही महाराष्ट्र राज्य से सटे इलाकों एवं चेक पोस्ट पर भी बिल्कुल असावधानी न हो, इस बात का ध्यान रखा जाए। गुरुवार को आयोजित जिले के खंड चिकित्सा अधिकारियों की बैठक में उन्होंने कहा कि समूचे जिले में विवाह समारोह इत्यादि के आयोजन के पांच दिन पश्चात ऐसे समारोह में शामिल होने वाले व्यक्तियों की सैम्पलिंग की जाए। जिन दुकानों अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अधिक भीड़ हो रही है, वहां कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ ऐसे दुकानदारों की तत्काल सैम्पलिंग भी की जाए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ए.के. तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. अशोक बारंगा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सौरभ राठौर एवं डॉ. आरके धुर्वे सहित खंड चिकित्सा अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले में अभी भी कोरोना संक्रमण के मामलों का आना चिंताजनक है। अनलॉक के बाद बाजारों की स्थिति पर सतत नजर रखी जाए। साथ ही इस बात का भी ध्यान दिया जाए कि संक्रमण के प्रकरण किन वजहों से आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सीमा की चेक पोस्ट से गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सैम्पलिंग आवश्यक रूप से की जाए। इसके अलावा सीमा क्षेत्र से सटे गांवों में भी संक्रमण की स्थिति पर पैनी नजर रखी जाए। जिले में संचालित फीवर क्लीनिक एवं कोविड केयर सेंटर में मरीजों के आने की स्थिति का भी सतत् अध्ययन किया जाए। वितरण के लिए मेडिकल किट भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि जिन दुकानों अथवा गुमठी, हाथठेलों पर ज्यादा भीड़ इकट्ठी हो रही है, वहां कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाया जाना तो आवश्यक है ही, साथ ही ऐसे दुकानदारों का तत्काल सैंपल भी लिया जाए। मुलताई एवं प्रभातपट्टन विकासखंडों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि चूंकि ये क्षेत्र महाराष्ट्र से लगे हुए हैं, अत: यहां बहुत सावधानी की जरूरत है। इन क्षेत्रों में कोरोना सैम्पलिंग में कोई भी लापरवाही न की जाए। यहां के खंड चिकित्सा अधिकारी अपने कार्य क्षेत्र में सतत् निगरानी बनाए रखे। चिचोली के खंड चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सैम्पलिंग की स्थिति में सुधार लाया जाए। हरदा जिले की सीमा पर स्थित चेक पोस्ट पर भी सैम्पलिंग सुनिश्चित की जाए। बैठक में घोड़ाडोंगरी के खंड चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि यहां बाहर से आने वालों पर खासतौर पर बस स्टैंड पर सघन निगरानी रखी जा रही है एवं सैम्पलिंग करवाई जा रही है। आठनेर, शाहपुर एवं भैंसदेही के खंड चिकित्सा अधिकारियों को भी आईएलआई सर्वे की निरंतरता बनाए रखने एवं सतत् सैम्पलिंग पर ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए गए। भीमपुर विकासखंड में भी विशेष ध्यान देने की भी कलेक्टर ने जरूरत बताई। साथ ही कहा कि यहां सैम्पलिंग कार्य में लापरवाही बिल्कुल न की जाए।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि खंड चिकित्सा अधिकारी एक-दूसरे के सम्पर्क में रहें। यदि किसी अन्य विकासखंड का व्यक्ति उनके क्षेत्र में पॉजिटिव संक्रमित पाया जाता है तो संबंधित क्षेत्र के खंड चिकित्सा अधिकारी को सूचित कर उसकी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करवाई जाए।