विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर तम्बाकू छोडऩे के लिए हो प्रतिबद्ध, राष्ट्रीय क्विटलाइन नंबर पर ले सकते है सलाह

9:52 pm or May 30, 2022
प्रहलाद कछवाहा
मंडला 30 मई ; अभी तक.; तंबाकू के उपयोग के नुकसान अच्छी तरह से स्थापित हैं। दुनिया भर में हर साल तंबाकू से 80 लाख लोगों की मौत होती है, भारत में हर साल 12-13 लाख लोगों की मौत तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से हो रही है। डब्ल्यूएचओ ने एक वैज्ञानिक संक्षिप्त विवरण जारी किया, जिसमें बताया  गया है कि धूम्रपान करने वालों को गंभीर बीमारी विकसित होने और कोविड-19 से मृत्यु का अधिक खतरा होता है। तंबाकू गैर संचारी रोगों जैसे हृदय रोग, कैंसर, श्वसन रोग और मधुमेह के लिए भी एक प्रमुख जोखिम भरा है। इसके अलावा इन स्थितियों के साथ रहने वाले लोग गंभीर कोविड -19 के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। इन सभी को ध्यान में रखते हुए आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर तम्बाकू छोडऩे के लिए प्रतिबद्ध है।
                     बताया गया कि धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों में कोविड-19 के साथ गंभीर बीमारी विकसित होने की संभावना अधिक थी, तो इसने लाखों धूम्रपान करने वालों को तंबाकू छोडऩे के लिए प्रेरित किया गया। तम्बाकू छोडऩा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, विशेष रूप से अतिरिक्त सामाजिक और आर्थिक तनाव के साथ जो महामारी के परिणाम स्वरूप आया है। वैश्विक स्तर पर 1.3 अरब तंबाकू उपयोगकर्ताओं में से, 60 प्रतिशत ने छोडऩे की इच्छा व्यक्त की है, लेकिन केवल 30 प्रतिशत के पास ऐसे उपकरण हैं जो उन्हें सफलतापूर्वक ऐसा करने में मदद कर सकते हैं।
तंबाकू छोडऩे की ले सकते है सलाह :
                 मप्र वालंटरी हेल्थ एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक मुकेश कुमार सिन्हा का कहना है कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग तंबाकू छोडऩा चाहते हैं। ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के आंकड़ों में यह भी कहा गया है कि तंबाकू छोडऩा चाहने वालों का प्रतिशत 2009 ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे- 1 से 2016 के  ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे -2 में बढ़ गया, जो एक सकारात्मक बात है। हमें इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए और तम्बाकू व्यसन मुक्ति केन्द्रों  को अधिक से अधिक बढ़ावा देना चाहिए। तम्बाकू व्यसन मुक्ति केन्द्रों को समर्पित कर्मचारियों के साथ राज्य के हर कोने में विस्तारित करने की आवश्यकता है जिससे जो लोग तम्बाकू छोडऩा चाहते हैं उन्हें आसानी से परामर्श और सलाह मिल सके। .आम नागरिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय,भारत सरकार  द्वारा तंबाकू छोडऩे के लिए स्थापित राष्ट्रीय क्विटलाइन नंबर 1800-112-356 पर, काउंसलर से  तम्बाकू छोडऩे के अलग-अलग तरीकों और उत्पादों के बारे में सलाह ले सकते हैं।
मप्र के ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे 2016 के आंकड़े  :
                      – 42.2 प्रतिशत धूम्रपान करने वालों और 36.4 प्रतिशत धूम्रपान रहित तंबाकू उपयोगकर्ताओं ने तम्बाकू  छोडऩे का प्रयास किया।
– 28.9 प्रतिशत धुंआ रहित तंबाकू और 43 प्रतिशत धूम्रपान करने वालों को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा तम्बाकू छोडऩे की सलाह दी गई।
– 86 प्रतिशत सिगरेट उपयोगकर्ता, 53.6 प्रतिशत बीड़ी उपयोगकर्ता और 49.6 प्रतिशत धुंआ रहित तंबाकू उपयोगकर्ताओं ने तंबाकू उत्पादों पर चेतावनी लेबल के कारण इसे छोडऩे के बारे में सोचा।
धूम्रपान, तम्बाकू छोडऩे के बाद होने वाले लाभकारी स्वास्थ्य परिवर्तन :
– 20 मिनट के भीतर, आपकी हृदय गति और रक्तचाप कम हो जाता है।
-12 घंटे में आपके रक्त में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर सामान्य हो जाता है।
– 2 से 12 सप्ताह में परिसंचरण में सुधार होता है और आपके फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है।
– 1 से 9 महीने में खांसी और सांस की तकलीफ कम हो जाती है।
– 1 वर्ष में कोरोनरी हृदय रोग का जोखिम धूम्रपान करने वालों की तुलना में लगभग आधा होता है।
– 10 वर्षों में फेफड़े के कैंसर का जोखिम धूम्रपान करने वाले की तुलना में लगभग आधा हो जाता है और मुंह, गले, अन्न प्रणाली, मूत्राशय, गर्भाशय ग्रीवा और अग्न्याशय के कैंसर का खतरा कम हो जाता है।
– 15 साल में कोरोनरी हृदय रोग का जोखिम धूम्रपान न करने वालों के बराबर होता जाता  है।

तम्बाकू नियंत्रण कानून- सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम 2003
धारा 4 –
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित, उल्लंघन करने पर 200 रुपये जुर्माना। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान ना करें।
-सार्वजनिक स्थानों पर बोर्ड लगायें

धारा 5 –
तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन, प्रयोजन एवं प्रोत्साहन प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रुप से प्रतिबंधित है।
दुकानदार बोर्ड हटा लें

धारा 6 क –
18 वर्ष से कम आयु  के बच्चों को तम्बाकू पदार्थ को बेचना व खरीदना प्रतिबंधित है।
– दुकानदार बोर्ड लगाये

धारा 6 ख –
शैक्षणिक संस्था के 100 गज ( 300 फीट) के दायरे में तम्बाकू उत्पाद बेचना अपराध है।
– शैक्षणिक संस्थान के पास तम्बाकू न बेचें