वोट मांगने आने वाले प्रत्या शियों से बिजली, पानी, सडक के बजाय लोग मांग रहे हथियार लाइसेंस

भिण्‍ड से डॉ. रवि शर्मा

भिंड,29 सितम्बर ,अभीतक

चुनावी माहौल में मतदाता प्रत्‍याशियों से बिजली, पानी, सडक के बजाए हथियार का लाइसेंस बनवाने की मांग कर रहे है। शस्‍त्र लाइसेंस के लिए पिछले पांच महीनो में कलेक्‍टोरेट में 700 से ज्‍यादा आवेदन पहुंच हैं। इनमें 60 फीसदी से ज्‍यादा मेहगांव और गोहद क्षेत्र से है। प्रत्‍याशी भी स्‍वीकार रहे हैं कि लोग उनसे हथियार के लाइसेंस की मांग कर रहे हैं। यहां बता दें कि जिले में लोग हथियारों को स्‍टेट्स सिंबल मानते है। वहीं इसे रोजगार के रूप में भी लेते हैं क्‍योकि लाइसेसी हथियार होने पर गार्ड की नौकरी आसानी से मिल जाती है। यही वजह है कि जिले में 22 हजार 571 से ज्‍यादा शस्‍त्र लाइसेंस हैं। अब उपचुनाव से पहले मतदाता जनसम्‍पर्क करने पहुंच रहे नेताओं से भी हथियार का लाइसेंस दिलाने की मांग कर रहे हैं। उन्‍हें लग रहा है कि उपचुनाव के चलते नेताजी उनका लाइसेंस जल्‍द बनवा देंगे। पिछले नौ महीनों में कलेक्‍टोरेट में 925 शस्‍त्र लाइसेंस के आवेदन पहुंचे हैं। इनमें से 700 से ज्‍यादा आवेदन पिछले पांच महीनों में (मई से) आए हैा यानि हर दिन औसतन पांच आवेदन कलेक्‍टोरेट पहुंच रहे हैं।

बंदूक के बजाय रिवॉल्‍वर-पिस्‍टल की मांग

हथियारों को लेकर जिले के लोगों में अब बदलाव जरूर आया है। अब लोग बडे हथियार के बजाए छोटा हथियार लेना पसंद कर रहे हैं। यही कारण अब युवा वर्ग बंदूक के स्‍थान पर पिस्‍टल और रिवाल्‍वर के लिए आवेदन कर रहे हैं। साथ ही वे नेताओं से भी इन्‍हीं हथियारों की मांग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि पिछले नौ महीने में आए 925 शस्‍त्र लाइसेंस आवेदन में 40 फीसदी आवेदन पिस्‍टल/रिवाल्‍वर के हैं।

भाजपा प्रत्‍याशियों से लाइसेंस की ज्‍यादा मांग

उपचुनाव में भाजपा ने कांग्रेस छोडकर आए गोहद में रणवीर जाटव और मेहगांव में राज्‍य मंत्री ओपीएस भदौरिया को अपना प्रत्‍याशी बहुत पहले ही घोषित कर दिया है। ऐसे में ये प्रत्‍याशी जब क्षेत्र में जाते है तो लोग उनसे मूलभूत सुविधाओं के बजाए बंदूक का लाइसेंस बनवाने की बात कहते हैं। कारण यह है कि लोगों को लग रहा है कि अभी इनकी सरकार है और यह चुनाव के चलते आसानी से उनकी मांग को पूर्ण कर देंगे।

अन्‍य जिलों में जितने कुल लाइसेंसी हथियार, उतने हमारे यहां थानों में ही जमा आगर मालवा में लगभग 2300 हथियार, हमारे यहां थानों में जमा 4100 हथियार

प्रदेश के कई जिलों में जितने कुल लाइसेंसी हथियार हैं, उतने तो भिण्‍ड जिले के थानों में जमा हैं। बता दें कि आगर मालवा में कुल 2300 के करीब लाइसेंसी हथियार हैं, वहीं रायसेन में करीब 4500 और ग्‍वालियर में 22 हजार लाइसेंस हैं जबकि भिण्‍ड में लाइसेंसी हथियारों की संख्‍या 22 हजार 571 से ऊपर है, जिसमें करीब 4100 लाइसेंसी हथियार जिले के थानों में जमा हैं।

नौ महीने में बने मात्र 7 शस्‍त्र लाइसेंस

जिले में पिछले नौ महीने में भले ही शस्‍त्र लाइसेंस के लिए 925 आवेदन आए हों लेकिन इस दौरान नए लाइसेंस मात्र सात बने हैं। हालांकि पिस्‍टल के करीब 80 से ज्‍यादा आवेदन कलेक्‍टर की ओर से कमिश्‍नर कार्यालय के लिए भेजे जा चुके हैं। वहीं कोरोना काल के बाद इन आवेदनों को भेजने में तेजी आई है। हालांकि अफसरों की मानें तो जिले में पहले से ही ज्‍यादा शस्‍त्र लाइसेंस है इसलिए नए लाइसेंस बहुत ही ज्‍यादा आवश्‍यकता होने पद दिए जा रहे हैं।

लाइसेंस की मांग करते हैं

पूर्व विधायक और भाजपा प्रत्‍याशी रणवीर जाटव ने बताया कि यह सही है कि लोग शस्‍त्र लाइसेंस रोजगार के लिए मांगते हैं ताकि उन्‍हें किसी फैक्‍टरी आदि में गार्ड की नौकरी मिल जाती है। हमारी कोशिश रहती है कि जनता जो काम बताए, उसे हम किसी तरह से पूरा कर पाएं।

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