शक पर  मजदूर को पुलिस ने बेरहमी से पीटा, पुलिस की मार से बेकसूर पहुंचा अस्पताल

रवींद्र व्यास

छतरपुर,१३ सितम्बर ;अभी तक;  मध्य प्रदेश की पुलिस आए दिन हिंसक होती जा रही है हाल ही में खरगोन के बिस्टान  थाने का मामला निपटा नहीं कि छतरपुर में भी इससे मिलता-जुलता एक मामला सामने आया है || अब  पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी इस मामले को रफा-दफा करने के लिए जुट गए हैं।

             छतरपुर नगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र की पुलिस ने शनिवार को एक मजदूर को हिरासत में लिया । पूछताछ के नाम पर उसकी  लगभग ढाई घंटे तक  मारपीट की गई पुलिस को शक था कि उसने चोरी की है। जिसके घर चोरी हुई उसने आकर जब सिविल लाइन पुलिस को बताया कि यह तो मोहल्ले में रहने वाला मजदूर है सीधा साधा है यह चोरी में लिप्त नहीं हो सकता तब कहीं जाकर पुलिस ने उसको छोड़ा, l
              सिविल लाइन पुलिस ने शुक्ला जी के सुपुर्द किया और उन्होंने उसकी दशा को देखते हुए तत्काल जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया जिला अस्पताल में उपचार रत  मजदूर संतोष प्रजापति ने बताया की पुलिस ने दो ढाई घंटे बेल्टों से उसे बुरी तरह से पीटा मैं उनको बताता रहा कि मैं मजदूरी करके अपना पेट पालता हूं अपने परिवार का पेट पालता हूं चोरी नहीं करता पर कोई सुनने को तैयार नहीं था | जब महाराज शुक्ला जी आए उन्होंने यह कहा कि यह चोर नहीं है तब कहीं जाकर पुलिस ने हम को छोड़ा।
             संतोष की पत्नी ममता ने बताया के  पुलिस हमारे पति को लेकर लेकर गई हम पीछे पीछे थाने पहुंचे काफी समय तक हम बैठे रहे पूछते रहे तो हमसे यही कहा जाता रहा की पूछताछ चल रही है बैठे हुए हैं पूछताछ होने के बाद हम छोड़ देंगे पर उन्होंने नहीं छोड़ा तब हम वापस आए बाद में शुक्ला जी महाराज  ने इनको  अस्पताल में भर्ती कराया।
              दरअसल छतरपुर नगर और जिले में पिछले चार-पांच महीने से चोरी की वारदातों में इजाफा हुआ है जिसको कारण पुलिस की भारी किरकिरी हो रही है अपनी छवि बनाने के लिए पुलिस बेकसूर ऊपर जुल्म ठाणे से भी नहीं चूकते जबकि जो कार्य पुलिस को करना चाहिए वह कार्य करने का पुलिस के पास समय ही नहीं है।