शराब के नशे में धुत पुलिस आरक्षक ने एक 70 वर्षीय पैदल जा रहे वृद्ध को मोटरसाइकिल से मारी टक्कर

 भिंड से डॉ रवि शर्मा
 भिंड २ सितम्बर ;अभी तक; भिंड से शहर के दिया थाना क्षेत्र के अटेर रोड पर दूधपुरा के पास नशे में धुत बाइक सवार आरक्षक ने  पैदल जा रहे सड़क के किनारे 70 वर्षीय बुजुर्ग को टक्कर मार दी । हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने डायल हंड्रेड पर कॉल कर पुलिस को बुलाया तो उन्होंने 70 वर्षीय बुजुर्ग जो घायल हुआ है उसी न ले जाते हुए पुलिस डायल 100 पुलिस कर्मचारी जो नशे में धुत था जिसने अपनी बाइक से 70 वर्षीय बुजुर्ग को शिकार बनाया डायल 100 में बिठाकर 2 किलोमीटर बाद उक्त नशे में धुत आरक्षक को बिना कार्रवाई किए छोड़ दिया गया ।
               डायल हंड्रेड द्वारा जानकारी के अनुसार बुजुर्ग मुबारक शाह पुत्र मुराद शाह निवासी उदित पुरा 1 सितंबर की शाम करीब 5:25 बजे रोड किनारे जा रहे थे तभी नशे में धुत आरक्षक देशराज सिंह गुर्जर ने मोटरसाइकिल को अनियंत्रित गति से चलाते हुए उन्हें टक्कर मार दी ऐसे में स्थानीय लोगों ने बुजुर्ग को अस्पताल में जमाने के अलावा डायल हंड्रेड पर कॉल कर पुलिस को भी सूचना दी ऐसे में जब पुलिस के डायल हंड्रेड पर तैनात आरक्षक घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्होंने उचित कार्रवाई करने के बजाय पुलिस आरक्षक जिसने 70 वर्ष के बुजुर्ग वह भी सड़क के किनारे पैदल चल रहा बेहोशी की हालत में डला हुआ था जब पुलिस की डायल हंड्रेड पर तैनात आरक्षक घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्होंने उचित कार्रवाई न करते हुए नशे में धुत पुलिस आरक्षक को 2 किलोमीटर बाद गाड़ी से उतारकर छोड़ आई ग्रामीणों द्वारा इसका विरोध करने पर आरक्षक ने बताया कि नशे की हालत में थाने में आरक्षक को ले जाने का प्रावधान नहीं है नियम नहीं क्योंकि वह नशे में धुत और ऊपर से ड्रेस पहने हुए हैं पूरी वर्दी पहने हुए है इस कारण डायल हंड्रेड ग्रामीणों को जो विरोध कर रहे थे उनसे यह वाक्य कहते हुए शर्म तक नहीं आई जैसे कानून इन्हें आरक्षण यानी डायल हंड्रेड में सवार आरक्षक ने कानूनी जान ग्रामीणों को देते हुए जज की हैसियत से जवाब दे डाला नशे में धुत आरक्षक को डायल हंड्रेड पर तैनात किना रक्षकों द्वारा थाने लाने के बजाय रास्ते में ही छोड़ दिया गया है इसकी जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करेंगे रामबाबू यादव थाना प्रभारी देहात ने मीडिया को सफाई देते हुए बताया और जब मीडिया मीडिया द्वारा यह पूछा गया तो डायल हंड्रेड वाले ने ग्रामीणों को कानून पाठ पढ़ाया की वर्दी और शराब के नशे में इसे थाने नहीं ले जा सकते यह नियम में है जैसे कानून वह न्यायाधीश बन रहे हैं आरक्षक