शव के मास्क का उपयोग कर ऑक्सीजन लेकर बचाई अपनी जान 

छिन्दवाड़ा से महेश चांडक
छिन्दवाड़ा एक मई ; कोरोना काल मे हिम्मत और साहस की चर्चा होगी तो छिन्दवाड़ा की बात जरूर सामने आएगी         छिन्दवाड़ा में लगातार कोरोना से पीड़ित मरीज अस्पताल में रहकर घबरा रहे है और अपनी हिम्मत तोड़ रहे है लगातार जिले में कोरोना से पीड़ित मरीजों की मौत हो रही है
       वही दूसरी ओर एक कहावत है हिम्मत है मर्दा तो मदद ए खुदा ऐसा ही इस भयावह समय में एक महिला बाल विकास विभाग हर्रई में पदस्थ सुपरवाइजर महिला आशा भारती ने अपनी हिम्मत और साहस का दम दिखाया है जिसके चलते वह अन्य मरीजो के जीने के लिए एक आशा की किरण बनकर सामने आई है
      हर्रई ब्लॉक क्षेत्र निवासी सुपरवाइजर महिला आशा भारती को 10 दिन पहले कोरोना हुआ था जिसके बाद वे जिला हॉस्पिटल के कोरोना वार्ड में भर्ती हुई थी इस दौरान महिला को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी तभी जहा लोग कोरोना से पीड़ित शव को हाथ लगाने से भी डरते है वही महिला ने अपने बेड के बाजू में पड़े शव के चेहरे से ऑक्सीजन मास्क निकालकर अपने मुंह में लगाने की हिम्मत दिखाई है महिला की इस हिम्मत को देखते हुए कोरोना को हराया जा सकता है
      कोरोना से 10 दिन की लड़ाई लड़ने के बाद महिला डिस्चार्ज होकर अपने घर वापस चली गई है