*शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त की जमानत निरस्त*

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर / उज्जैन एक अक्टूबर ;अभी तक; न्यायालय श्रीमान अम्बुज पाण्डेय, नवम् अपर सत्र न्यायाधीश जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियुक्त कुलदीप पिता नानूराम, निवासी-उज्जैन का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।
   उप-संचालक डॉ0 साकेत व्यास (अभियोजन) ने घटना अनुसार बताया कि अभियोजन घटना इस प्रकार है फरियादियां ने पुलिस थाना नरवर पर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि कुलदीप से उसकी जान-पहचान है। कुलदीप ने एक डेढ़ साल पहले कहा था कि वह उससे प्यार करता है और शादी करना चहता है। वह उसके बहकावे में आ गई उसने उसे बहला-फुसलाकर उसके घर पर बुलाया और शादी करने का झांसा देकर उसके मना करने के बाद भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाये। उसके बाद अभियुक्त कुलदीप ने उसके घर पर बुलाकर उसके साथ शादी करने का झांसा देकर उसके मना करने के बाद भी उसके साथ करीब आठ-दस बार शारीरिक संबंध बनाये। पीड़िता ने अभियुक्त से बोला की तुुम लगातार मेरे साथ शारीरिक संबंध बना रहे हो और शादी नही कर रहे हो तो उसने उससे बोला कि वह उससे शादी नही करेगा व उससे शादी करने से इंकार कर दिया और बोला की यह बात किसी को बतायी तो उसे जान से खत्म कर दूंगा। अंतिम बार कुलदीप ने फरियादिया के साथ उसके घर पर दिनांक 09.07.2020 को भी उसके इच्छा के विरूद्ध शारीरिक संबंध बनाये थे। पीड़िता फिर घटना अपनी दादी व पिताजी को बतायी। फरियादियां की रिपोर्ट पर पुलिस थाना नरवर पर अपराध पंजीबद्ध किया गया।
अभियुक्त द्वारा जमानत आवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अभियोजन अधिकारी की ओर से जमानत आवेदन का विरोध करते हुये तर्क किये कि अभियुक्त ने गंभीर अपराध कारित किया है। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्केे से सहमत होकर अभियुक्त का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता श्री श्री रविन्द्रसिंह कुशवाह, एजीपी जिला उज्जैन द्वारा की गयी।

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