शारदेय नवरात्रि मूर्ति स्थापना को लेकर कोरोना के चलते समितियों में गाइड लाइन न मिलने से निराशा

9:18 pm or September 15, 2020
शारदेय नवरात्रि मूर्ति स्थापना को लेकर कोरोना के चलते समितियों में गाइड लाइन न मिलने से निराशा

मण्डला से सलिल राय

मंडला १५ सितम्बर ;अभी तक; सनातनी वैदिक परंपरा के पर्वो में शरद ऋतु में माँनवदुर्गाओं की मूर्ति स्थापना पूजा उपासना के पर्व नवरात्रि का एक अलग भक्ति भाव का महत्व तो हैं ही साथ माँ दुर्गा के पंडालों में दर्शन करने का आकर्षण भी समाज के हर वर्ग को रहता हैं पर हाल ही में कोरोना संक्रमण की भयावह स्थिति परिस्थितियों के चलते सार्वजनिक माँ दुर्गा उत्सव समितियों में असमंजस की स्थिति बन गई हैं कारण हाल ही में आये एक मौखिक बयान पर की मूर्ति स्थापना के लिए पंडाल निर्माण भी किये जा सकते है।

                   पर जन प्रश्न यह भी उठ रहा हैं कि कोरोना काल के चलते सार्वजनिक समितियों को यह समझ नही आ रहा हैं कि कोई गाइड लाइन अब तक समितियों को नही मिल सकी हैं कि कैसे पंडालों का निर्माण करना हैं किस तरह के पंडाल और माता की कितनी बड़ी छोटी आकार प्रतिमा बनवाई जाये यही भ्रंम की स्थिति मूर्तिकारों के सामने हैं की कैसे आकार की मूर्तियों गढ़ी जाये यही स्थिति साज सजावट के व्यवसाय करने वालों के सामने भी हैं यही स्थिति हैं की क्या किया जाये क्योकि शारदेय नवरात्रि को अब केवल एक महीना की देरी है।

वही मॉ नवदुर्गाओं से जुड़े व्यवसाय करने वालो के सामने भी यह स्थिति हैं कि वे अपनी दुकानों से विक्रय वाली वस्तुओं की खरीदारी करें कि नही ?

शारदेय नवरात्रों में मण्डला में बड़ी संख्या में माता रानी के दरबार सजते हैं पर कोविड 19 के चलते अबतक सभी धार्मिक पर्वो में कोरोना के चलते परम्परा पर लगभग ब्रेक जैसी स्थिति बनी रही वही सन्निकट शारदेय नवरात्रि मनाने की कोई गाइड लाइन नही आने से सर्वजनिक दुर्गा उत्सव समितियों और इससे जुड़े करोबारियो में असमंजसता देखी जा रही हैं।

मण्डला में शारदेय नवरात्रि में जगह जगह माता की प्रतिमाओं की स्थापना होती रही वही विशाल पंडालों भंडारों के साथ कार्यक्रमों के भी आयोजन भी होते है वही जन आकर्षण की सजावट के साथ सारगर्भित झांकियों और कार्यक्रम भी होते रहे जहाँ दर्शनाथियो का सैलाब भी उमड़ता हैं पर कोविड 19 के कारण कैसे नवरात्र मनाया जाये यह प्रश्न यक्ष प्रश्न के मानिंद सबके समक्ष हैं।
मण्डला में शारदेय नवरात्र में कृषि मंडी परिसर में हर साल जबरजस्त श्रद्धा आकर्षण की श्रद्धामयी प्रतिमा मूर्तिया स्थापित होती हैं साथ ही मनमोहक साज सज्जा जन आकर्षण का केन्द्र भी होता साथ नगर में भी अनेक स्थानों में माता रानी के दरबार भी अपनी एक अलग पहचान रखते पर इस बार कोरोना के कारण उहापोह की स्थिति बन गई हैं। कृषि मंडी दुर्गा उत्सव के अध्यक्ष विकास अग्रवाल ने बताया इस बार कोरोना के बढ़ते खतरे और स्थापना तिथि में बहुत कम समय बचा हैं इस बीच कोई गाइड लाइन मूर्ति स्थापना को लेकर नही मिलने से इस बार सम्भवतः प्रतीक रूप से माता की पूजा पद्धति ही हो सकेगी।

वही माता दुर्गा की मूर्ती गढ़ने वाले मूर्तिकार लक्ष्मी कटारे एक पैर से दिव्यांग मुर्ति निर्माण से ही अपने परिवार की जीविका संचालन करते हैं पर इस बार माता दुर्गा स्थापना के लिए कोई मूर्ति बनवाने नही आ रहे फिर भी यह मूर्तिकार रिस्क उठाते लघु आकार की मूर्तिया बड़ी उम्मीद से गढ़ रहा हैं कि शायद कोई गाइड लाइन आने वाली हो इस उम्मीद से की सरकार की कोई गाइड लाइन आएगी पर कब यह बड़ा प्रश्न हैं।

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