शिक्षकों ने कोरोना में दिवंगत साथियों को दी श्रद्धांजलि

मयंक भार्गव

बैतूल २१ जून ;अभी तक;  कोरोना योद्धा के रूप में दिवंगत शिक्षक साथियों को याद करते हुए शिक्षकों ने रविवार को कारगिल चौक पर दीप प्रज्वलित कर कोरोना संक्रमण से अपनी जान गवाने वाले शिक्षक कर्मचारियों को नम आंखों से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। कोविड संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए वहीं अन्य साथियों ने अपने-अपने घरों में दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी। आजाद अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष रवि सरनेकर ने बताया कि कोरोना वारियर्स कर्मचारियों का बलिदान सदियों तक याद किया जाएगा। संघ ने उन गुमनाम शहीदों के बलिदान को याद करने की कोशिश की है। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर देश की सेवा देते हुए अपना दलिदान दे दिया।

50 लाख रु. और दें अनुकम्पा नियुक्ति

श्री सरनेकर ने बताया कि जिले में अधिकांश शिक्षकों की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है। कई शिक्षको की घर घर कोरोना सर्वे में भी ड्यूटी लगी हुई थी। सेवा करते हुए शिक्षक अपनी जान गंवा चुके है। सरकार शिक्षकों को कोरोना योद्धा मानने से अपनी बात से मुखर रही है। मृत शिक्षकों के परिवार कई परिवार ऐसे भी है कि उनमें वही कमाने वाले थे आज मृत शिक्षको के परिवार वालो की कोई सुनने तो तैयार नही है। उनका परिवार दर दर की ठोकरे खोने पर मजबूर है। आजाद अध्यापक संघ ने शासन से मांग की है कि कोविड-19 के तहत दिवंगत शिक्षक साथियों के परिवार को आर्थिक सहायता व शिक्षको को कोरोना योद्धा मान कर 50 लाख की कोरोना योद्धा की राशि का भुगतान करे और मृत शिक्षकों के परिवार में से किसी एक सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करे। जिससे उनके परिवार वालो का भरणपोषण हो सके।

काली पट्टी बांध जताया रोष

इस दौरान शिक्षकों ने मंहगाई भत्ता और वेतनवृद्धि रुकने पर काली पट्टी बांधकर रोष जताया। श्री सरनेकर ने बताया विगत दो वर्षों से कर्मचारी, अध्यापक और शिक्षक कोरोना महामारी की मार झेल रहे है। एक तरफ कोविड संक्रमण को रोकते हुए खुद संक्रमण का शिकार हुए दूसरी तरफ दो वर्षों से मंहगाई भत्ता और वेतनवृद्धि रुकने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञात हो कि आजाद अध्यापक संघ की प्रांताध्यक्ष शिल्पी शिवान द्वारा एक चरणबद्ध कार्यक्रम अपनी मांगों तथा दिवंगत साथियों को न्याय दिलाने के लिए जारी किया गया है। शिक्षकों, अध्यापकों की प्रमुख मांगे क्रमोन्नति, ट्रांसफर, वेतनविसंगति में सुधार के साथ साथ डी ए और इंक्रीमेंट बहाली प्रमुख मुद्दा है। इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों ने भी अपनी सहभागिता दी। विरोध प्रदर्शन करने वालों में रवि सरनेकर, भीम लांजीवार, राजेंद्र कटारे, शैलेंद्र बिहारिया, धनराज पाटिल, मनोहर मालवीय, विजय कोरी, गोकुल झरबड़े, अनिता सोनारे, रेखा कापसे, निमिषा द्विवेदी, विपाशा मिश्रा, अभिलाषा बाथरी आदि उपस्थित रहे।