शिक्षक यदि कोरोना योद्धा है तो पत्र जारी कर भ्रम दूर किया जाना चाहिए, म.प्र.शिक्षक संघ की माँग

महावीर अग्रवाल
मंदसौर ३० अप्रैल ;अभी तक;  म प्र शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलेश मेहता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षको के कोरोना योद्धा  होने या नही होने पर संशय दूर करने की मांग की है क्योंकि संघ के प्रदेश व्यापी ज्ञापन देने व शिक्षा मंत्री तथा आयुक्त से चर्चा उपरान्त भी  शिक्षक समुदाय को कोरोना योद्धा घोषित करने सम्बंधी कोई आदेश नही निकला है।
             विभागीय अधिकारियों का यह मानना है कि कोरोना योद्धा के संबंध में 10 अप्रैल 2021 को जारी किए गए राजस्व विभाग के राहत आयुक्त द्वारा जारी आदेश की कंडीका 3.3 में अन्य कर्मचारियों को भी कोरोना योद्धा का लाभ देने का उल्लेख हैl इस लिए शिक्षकों के संबन्ध में पृथक से आदेश जारी करने की आवश्यकता उन्हें महसूस नहीं होती है।
               यह कि यदि उक्त आदेश से समस्त विभागों में लाभ दिए जाने का प्रावधान है तो फिर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पृथक से आदेश जारी क्यों किए गए हैं?
                विदित हो कि मध्य प्रदेश के 52 जिलों में अनेक शिक्षक “हमारा घर हमारा विद्यालय” कोरोना सुपर वाइजर,सर्वे व अन्य कोरोना ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित हुए और एक हज़ार से अधिक शिक्षकों का दुःखद निधन हुआ है। जिनमें से किसी एक भी दिवंगत शिक्षक के परिवार को कोरोना योद्धा अंतर्गत 50 लाख की राशि या परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नही दिया गया है, इतना ही नही पीड़ित परिवार को अनुगृह राशि व बीमा राशि का मृत्यू प्रमाण पत्र के समय पर जारी नही होने से लाभ नही मिला है।
                   जब कुछ विभागों के द्वारा कोरोना योद्धा के संबंध में पृथक से आदेश जारी हुए हैं तो स्कूल शिक्षा विभाग को भी पृथक से आदेश जारी करना चाहिए।
 प्रदेश के दो जिलों के कलेक्टरों ने शिक्षकों को भी  कोरोना योद्धा का लाभ दिए जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं ऐसी स्थिति में सभी जिलों के कलेक्टरों से ऐसे आदेश ज़ारी करने के निर्देश जारी किए जाने कि आवश्यकता है, अन्यथा कोरोना योद्धा हैं तो खुलासा पत्र जारी कर भ्रम समाप्त किया जाना चाहिए