शिवराज को सेवक से ज्यादा शासक के रूप में आना पड़ेगा क्योंकि भय बिन प्रीत ना होई गुसाईं ;उमा भारती

5:59 pm or October 31, 2022
रवींद्र व्यास
छतरपुर 31अक्टूबर ;अभी तक;  मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आज छतरपुर में गुजरात के मोरबी में हुए पुल दुर्घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की उन्होंने कहा कि गुजरात की घटना दुखद है। एक बड़ी चूक है कि पुल की कैपेसिटी से ज्यादा वहां एलाऊ कर दिए , गुजरात सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं पीएम साहब भी दुखी हैं /उन सब के परिवारों के साथ हमारी संवेदना हैं ।जो तड़प तड़प कर मर गए उनके प्रति  मै श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं ।
                                      उमा भारती आज छतरपुर सर्किट हाउस में पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा कर रही थी। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के प्रति जहां नरम रवैया दिखाया वही इशारों इशारों में अपने तीखेपन  का  भी एहसास कराया। नशा मुक्ति आंदोलन पर उन्होंने सरकार की तारीफ की और शिवराज  सरकार के साथ समन्वय की बात भी कही। उन्होंने कहा नशा मुक्ति आंदोलन से मैं संतुष्ट नहीं हूं स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी संतुष्ट नहीं होंगे इसमें सुधार की बहुत गुंजाइश है वर्तमान की नीति में अनेक खामियां हैं मैं संतुष्ट हो ही नहीं सकती जब तक कि वह सारी बातें शामिल ना हो जाएं जिनका मैंने आग्रह किया है। देखिए पूर्ण शराबबंदी तो हमने भी नहीं की थी लेकिन उस समय जो हो सकता था वह कर  दिया था । शराब माफिया खत्म कर दिए थे एक निर्णय में लॉटरी सिस्टम लागू कर दिया था तब शराब का इतना प्रभाव भी नहीं था तब शराब से इतना राजस्व भी नहीं मिलता था उस समय सिर्फ 900 करोड़ का राजस्व शराब से प्राप्त होता था। आज शराब से राजस्व 14000 करोड़ का हो गया हैआज घर-घर गली-गली में शराब बिक रही है।
                                    उमा भारती के कारण जब सागर से निकली तो वहां की शराब दुकानें बंद हो गई इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं एक ऐसी नीति चाहती हूं कि मेरे निकलने ना निकलने से कोई फर्क ना पड़े पर व्यवस्था ऐसी हो जाए कि वह यह दुकानें बंद हो जाए उन्होंने कहा कि साल 6 माह में मैं ऐसा जरूर कर दूंगी यह सब दहशत में आए आ जाए अधिकारी भी आ जाए शासन प्रशासन का तंत्र आ ही जाएगा उन्हें यह सब कुछ करना पड़ेगा उन्होंने इस मौके पर कहा भय बिन प्रीत ना होई गुसाईं ।।
                                  सरकार के नशा मुक्ति अभियान पर उन्होंने कहा कि  गांव गाव में सरकार नशा मुक्ति अभियान  चला रही है। हर भाषण में मुख्यमंत्री स्वयं कह रहे हैं लोगों को शपथ दिला रहे हैं पर सबसे जरूरी है कि छोड़ने वाली की आत्मा गवाही दे ताकि वह नशा छोड़ सके कितना बर्बाद हो रहा है इससे उसका परिवार । खुशी से तो कोई नहीं पी रहा मजबूरी से पी रहा है उसको लत लग गई है।
                           उमा भारती ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान  ने  अपने 2 अक्टूबर के भाषण में    कहा था कि शराब से वसूले गए राजस्व से सरकार चलाना ऐसा है जैसे मां अपने बच्चे का खून पीकर घर चलाने जैसा है।
                            पिछड़ा वर्ग की सियासत के मसले पर उन्होंने कहा कि इसका आकलन तो मीडिया ही करें हमारी इच्छा है कि प्रचंड बहुमत से बीजेपी सरकार बने उन्होंने जातिगत संबंध मे समन्वय की बात करते हुए कहा कि जाति भी एक सच्चाई है और जब तक यह सच्चाई रहेगी तो आरक्षण भी रहेगा क्योंकि भारतीय समाज इससे मुक्त नहीं हो पाया है।किंतु यह टकराव का कारण न बने बल्कि सामाजिक समन्वय का कारण बने। उन्होंने लिंगायत समाज का उदाहरण देते हुए कहा कि  कर्नाटक में लिंगायत समाज का गठन एक ब्राह्मण ने किया उसमें सभी जातियों के लोग बाग शामिल हो रहे हैं । उन्होने  गुरु नानक जी राजा राममोहन राय का भी उदाहरण दिया । समाज से जाति प्रथा इस तरह से समाप्त भी हो रही है पर इसमें समय लगेगा ।
                             प्रदेश में कानून व्यवस्था के मसले पर उन्होंने शिवराज को नसीहत दी कि उन्हें सेवक से ज्यादा शासक के रूप में आना पड़ेगा ताकि मध्यप्रदेश में ला एंड आर्डर ठीक रहे दुष्टों  के अंदर भय का संचार करना पड़ेगा और सख्ती  करना पड़ेगी ताकि मध्य प्रदेश शांति का टापू बना रहे।
                           मध्य प्रदेश को प्यारा राज्य बताते हुए कहा कि यहां के निवासी परम संतोषी हैं। यह प्यारा राज्य कायम रहे उड़ता पंजाब की तरह उड़ता मध्य प्रदेश ना बन जाए इसलिए मैं मध्यप्रदेश में शराब नहीं टिकने दूंगी इसके लिए जिंदगी दांव पर लगा दूंगी।
                          उमा भारती ने शिवराज सरकार को सलाह भी दी मध्यप्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य में व्याप्त असमानता को सरकार को ही समाप्त करना पड़ेगा मध्य प्रदेश के टूरिज्म की उनमें प्रशंसा की साथ ही कहा यह भारत में अकूत संपदा अकूत खनिज संपदा है इसका पता हमें कोयला मंत्री के रूप में ही पता चला था गोंडवाना लैंड इस संपदा से परिपूर्ण है जिसकी पट्टी फिजी न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका तक फैली है फिर से मुख्यमंत्री के चेहरे के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं अपना चेहरा आईने में देखकर प्रसन्न हो लेती हूं ।