शिव प्रसाद धुर्वे के गुदुम बाजा नृत्य दल ने देश में जीता प्रथम पुरस्कार

10:15 pm or June 13, 2022
मोहम्मद सईद
 शहडोल 13 जून अभी तक। शहडोल संभाग के अनूपपुर जिले के ग्राम बीजापुरी नंबर एक के  शिव प्रसाद धुर्वे एवं उनके दल ने गुदुम बाजा नृत्य प्रस्तुत कर देश में प्रथम पुरस्कार जीता है।
                         विशाखापट्टनम में 10 से 12 जून तक जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से ट्राइबल कल्चर रिसर्च एंड ट्रेनिंग मिशन के तहत आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित जनजाति नृत्य महोत्सव 2022 में देश के 14 राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों ने भाग लिया था। इसमें शहडोल संभाग के अनूपपुर जिले के ग्राम बीजापुरी नंबर एक के शिवप्रसाद धुर्वे के गुदुम बाजा नृत्य ने भी हिस्सा लिया। श्री धुर्वे के स्वयं के संगीत एवं नृत्य की अनूठी प्रस्तुति के चलते देश के विभिन्न जनजाति कलाकारों के बीच इस नृत्य ने अपनी पहचान दर्शकों और चयनकर्ताओं के बीच ऐसी छोड़ी की वंस मोर वंस मोर के नारे से पूरा स्टेडियम गूंज उठा। अद्भुत प्रस्तुति के लिए देश के समस्त नृत्य दलों के बीच अनूपपुर की गुदुम नृत्य दल ने प्रथम पुरस्कार एवं एक लाख रुपए की राशि प्राप्त कर देश में मध्य प्रदेश, शहडोल संभाग, अनूपपुर जिले और अपने गांव बीजापुरी को पहचान दिलाई है।
                        इस नृत्य दल में लक्ष्मीकान्त मार्को, शिवप्रसाद, उमेश मसराम, वीर बहादुर धुर्वे, लामू लाल धुर्वे, श्रीचंद मार्को, ईश्वर मरावी, राजकुमार मसराम, चरण लाल धुर्वे, मीरा मार्को, धनेश्वर, प्रहलाद, फगुआ, भीम, मुनि लाल, कोदु लाल, अनिल एवं अन्य साथी थे।
                 कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा ने शिव प्रसाद धुर्वे एवं उनके गुदुम बाजा नृत्य दल के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह हमारे प्रदेश एवं संभाग के लिए गौरव की बात है। मैं इस शानदार सफलता के लिए शिव प्रसाद धुर्वे एवं गुदुम बाजा नृत्य दल के सभी सदस्यों को बधाई देता हूं।
                      कमिश्नर शहडोल संभाग श्री शर्मा ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि इस नृत्य दल ने संभाग एवं जिले का नाम गौरवान्वित किया है। इससे पहले भोपाल में 26 जनवरी को लाल परेड में भी इन्होंने प्रथम स्थान हासिल किया था। दिल्ली के लाल किला परेड मैदान में बीजापुरी के कलाकारों ने वर्ष 2012 में गणतंत्र दिवस समारोह में मध्य प्रदेश नृत्य दल टीम का हिस्सा बनकर प्रथम स्थान प्राप्त कर गौरव हासिल किया था।