श्रावण मास के अंतिम सोमवार 8 अगस्त को निकलेगी शाही सवारी, भव्य रथ में विराजित की जाएगी रजत प्रतिमा

7:45 pm or July 28, 2022
महावीर अग्रवाल
मंदसौर २८ जुलाई ;अभी तक;  परंपरा अनुसार श्रावण मास के अंतिम सोमवार 8 अगस्त को जग प्रसिद्ध भूत भावन भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव की शाही सवारी शाही अंदाज में मंदिर प्रांगण से नगर भ्रमण पर निकलेगी ।शाही सवारी में शिव की बारात ढोल -नगाड़े ,अखाड़े झांकियों के साथ कई और आकर्षण का केंद्र रही है। शाही सवारी की को लेकर तैयारियां जोरों शोरों से शुरु हो गई है ।
                     भगवान श्री पशुपतिनाथ प्रातःकाल आरती मंडल के तत्वावधान
में 8 अगस्त को निकलने वाली भव्य शाही सवारी की तैयारियां जोरों शोरों से
जांच जारी है बाहरी पार्टियों को आमंत्रित करने को लेकर प्रयास और चर्चा
की जा रही है ,वहीं नासिक ,उज्जैन, दाहोद के नगाड़ों के साथ ही दिल्ली
हरियाणा के कलाकारों को भी इस वर्ष बुलाया जाएगा ,शाही सवारी में
भजन-मंडली ,अखाड़े आर्य वीरदल भी शोभा बढ़ाएंगे ।शाही सवारी को अनोखी और भव्य बनाने की दिशा में मंडल के पदाधिकारी लगे हुए हैं। प्रातकाल आरती
मंडल ने उक्त जानकारी देते हुए एक बयान में बताया कि भगवान श्री
पशुपतिनाथ महादेव की रजत प्रतिमा भव्य रथ में सवार की जाएगी । भगवान की रजत प्रतिमा के दर्शन वर्ष भर में एक बार ही धर्मालुजन शाही सवारी में कर
धर्म लाभ लेते हैं । उल्लेखनीय है कि 2 वर्ष कोरोनाकाल के कारण पशुपतिनाथ
मंदिर परिसर में ही शाही सवारी का आयोजन किया गया था परंतु इस वर्ष इस
महामारी का असर कम है और शासन प्रशासन के निर्देशों के अनुसार सभी पर छूट है और दुगने उत्साह से भक्तजन शाही सवारी निकालेंगे।
वाहन रैली 7 अगस्त को निकलेगी – प्रातकाल आरती मंडल के तत्वाधान में
निकलने वाली शाही सवारी के प्रचार प्रसार हेतु आगामी 7 अगस्त रविवार को
भव्य वाहन रैली श्री पशुपतिनाथ मंदिर प्रांगण से प्रातः 10  बजे निकलेगी
जो शहर के प्रमुख मार्गाे से होते हुए पुन मंदिर परिसर पर पहुंचेगी शाही
सवारी की भव्यता को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं पूरे नगर में ओम नमः
शिवाय अंकित झंडे दो पहिया तीन पहिया एवं चार पहिया वाहनों पर लगाए जा
रहे हैं। भोले को लगाया मालपुए का महाभोग- भगवान श्री पशुपतिनाथ प्रातःकाल आरती मंडल के तत्वाधान में प्रतिवर्षअनुसार इस वर्ष भी श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की हरियाली अमावस्या का पर्व धूमधाम से मनाया गया  ।पशुपतिनाथ मंदिर में भी प्रातःकाल बेला में सुबह 7 बजे नैवेद्य में भगवान को शुद्ध देसी घी से निर्मित रबड़ी के मालपुए का भोग लगाया गया और भगवान का भव्य नयनाभिराम दुर्वा से बनी माला का श्रृंगार कर महाआरती की गई  और भक्तों को वहीं पर ही प्रसाद वितरित किया गया।