श्रावण मास में श्री प्रेमप्रकाश आश्रम में सत्संग की अमृतमयी वर्षा

6:28 pm or July 25, 2022
महावीर अग्रवाल
        मन्दसौर २५ जुलाई ;अभी तक;  पावन पवित्र श्रावण मास की रिम झीम बरसात ने जहां भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव की धार्मिक नगरी में एकदम ठंडक से वातावरण को खुशनुमा व धार्मिक भावनाओं डूबो दिया है वहीं दूसरी और सतगुरू टेऊँरामजी महाराज की दरबार साहिब श्री प्रेमप्रकाश आश्रम में हमारे शहर में ही जन्मे अब श्री प्रेमप्रकाश आश्रम में हमारे शहर में ही जन्में अब श्री प्रेमप्रकाश आश्रम व धमतरी (छत्तीसगढ़) के संचालक सन्त श्री लोकेश ने 22 से 25 जुलाई, सोमवार तक चार दिवसीय सत्संग प्रवचनों से श्रावण मास की ठंडक में सतगुरू के स्वरूप संगत को अपनी अमृतमयी वर्खा से तृप्त कर दिया।
                आपने अपने मुखारविन्द से कहा कि बरसात से जहां आपको तन की ठंडक प्राप्त होगी वही सतगुरू स्वामी टेऊँराम महाराज की रचित श्री प्रेमप्रकाश गं्रथ की अमृतमयी वाणी की सत्संग से आपको मन एवं आत्मा में ठंडक प्राप्त होगी। इस कलयुग में मनुष्य को अपने सतगुरू नाम स्मरण एवं सत्संग से ही शान्ति की प्राप्ति होगी।
                जिस घर में अतिथि सरकार परमात्मा एवं सतगुरू का नाम स्मरण एवं भगवान की आरती न होती हो वो घर बेकार है। जो राम का नहीं वो किसी काम का नहीं, आपने कहा कि अतिथि बिना आपका घर बेकार है, जहां आपस में प्रेम नहीं वो रिश्तेदारी बेकार और गुरू बिना मनुष्य का जीवन ही बेकार है। वहीं आपने यहां तक कहा कि सत्संग के बिना मनुष्य का जीवन ही बेकार है। मनुष्य को अपने धर्म के प्रति कभी विमुख नहीं होना चाहिये जो जाति व मनुष्य धर्म मार्ग से विमुख होगा उसका विनाश होना निश्चित है। सत्संग आपके मन मस्तिष्क को सही दिशा में मोड़ता है। आपने गुरू महिमा एवं भक्ति के भजनों से उपस्थित संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। आपने कहा कि गुरू हमेशा श्रद्धालु, शिष्य को देता है, उसके बदले कोई इच्छा नहीं रखता।
                आपने कहा कि श्रद्धा ज्ञान देती है, नम्रता आपको सम्मान देती है तथा आपकी योग्यता आपको उचित स्थान देती है और तीनों मिल जावे तो सम्मान प्राप्त होगा। सतगुरू टेऊँराम महाराज जैसे योग्य गुरू विरले ही अवतार लेते है। कुमारी सिमरन मेघनानी के सीए बनने पर उनके परिवार द्वारा आशीर्वाद का सत्संग होने पर संत श्री लोकेश ने सिमरन को आशीर्वाद की परवर पहनाई।
पवित्र श्रावण मास के द्वितीय सोमवार को भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव की पूजा अर्चना कर अभिषेक किया गया
                  पवित्र पावन सावन मास के द्वितीय सोमवार श्रावण बदी बारस को प्रातः 6 बजे अमृत वेला में सिन्धी हिन्दू समाज की प्रमुख धर्मपीठ की मंदसौर शाखा श्री प्रेमप्रकाश आश्रम में अष्टमुखी भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव की अष्टधातु की प्रतिमा का विधी विधान एवं धार्मिक भावनाओं से मालवा अंचल के विद्वान पण्डित श्री उमेश जोशी (शास्त्री) ने पूजा अर्चना कर आज के जजमान परिवार श्रीमती द्विया- नारायण शिवानी एवं श्रीमती वैदई-जयेश शिवानी से रूद्र अभिषेक पूर्ण करवाया।
                इस आशय की जानकारी सेवा मण्डली के अध्यक्ष पुरूषोत्तम शिवानी ने देते हुए बताया कि अभिषेक के उपरांत भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव की प्रतिमा का अति सुन्दर एवं मनमोहक श्रृंगार के साथ मनोरथ किया गया।
                  श्रीमती , श्रीमती देवी मोहनदास फतनानी, श्रीमती रेखा हरिश उत्तवानी, श्रीमती कुंती पमनानी, श्रीमती द्रोपति देवीदास प्रदनानी, श्रीमती मिरा वह लता श्यामयानी, श्रीमती दुर्गा जापानी पुरुषोत्तम भावनानी, श्रीमती माया बिजानी, श्रीमती रुक्मिणी मोटवानी, श्रीमती हीना बालानी, श्रीमती भगवन्ती सेवानी, गुरमुख दास, चन्दिराम चंदानी, श्रीमती ममता संगतानी, सहित सैकड़ों स्त्री-पुरूष शिव भक्तों ने भगवान शिवशंकर को अत्यन्त ही प्रिय बिल पत्र व आकड़े के फूलों के साथ जल एवं दूध अर्पित कर मंगल कामनाएं की।
संगत ने ‘‘ऊँ नमः शिवाय’’ के स-किर्तन से टेऊँरामजी महाराज की दरबार साहिब का वातावरण को सकारात्मक व भक्ति भाव से डूबा दिया।
अन्त में भगवान श्री भोलेनाथ, श्री लक्ष्मीनारायण, आचार्य सतगुरू स्वामी टेऊँरामजी महाराज, सर्वानन्दजी महाराज, शांतिप्रकाशजी महाराज एवं हरिदासरामजी महाराज की आरती कर व अंचल में पर्याप्त वर्षा, सुख, समृद्धि एवं शान्ति का पल्लव अरदास कर प्रसाद वितरण किया गया। इस पावन अवसर पर अमृत वेला में पधारने वाले श्रद्धालु शिव भक्तों का आभार प्रदर्शन श्रीमती द्विया-नारायण शिवानी, श्रीमती वैदई -जयेश शिवानी ने प्रकट किया।