श्रीमद् भगवत गीता एवं श्रीप्रेमप्रकाश गं्रथ के पाठों का भोग महोत्सव सम्पन्न

5:50 pm or November 11, 2022

महावीर अग्रवाल 

मन्दसौर ११ नवंबर ;अभी तक;  श्री प्रेमप्रकाश आश्रम के 13वें वार्षिक महोत्सव के पुनीत अवसर पर पंच दिवसीय श्रीमद् भगवत गीता के अंतिम श्लोक का वाचन संत श्री ढालुरामजी प्रेमप्रकाशी (जयपुर) ने किया तो वहीं श्री प्रेमप्रकाश गं्रथ के अंतिम शांति के 60 दोहों का वाचन संत श्री लालुरामजी (इन्दौर) प्रेमप्रकाशी के गुंजायमान श्लोकों से ‘‘खण्डू‘‘ के नाम से बने सत्संग पाण्डाल में सकारात्मकता छा गई और उपस्थित संगत मंत्रमुग्ध हो कर अपने प्यारे गुरूदेव भगतप्रकाशजी महाराज को निहारती रह गई।
आपश्री ने आपके द्वारा  रचित भजन-
हीअ अमरापुर जी बाणी आ
हीअ अमृत रस जी खाणी आ
थीन्दी अंग संग तहिं सां साणी आ
जेको बाण्ीाअ जो थो पाठु करे
हीअ बाणी बंधन टोड़े थी
ऐं अविद्या जी गंढ़ि छोड़े थी
सभु जनम मरण जा कष्ट हरे
जेको पाठु ग्रन्थ जो रखाए थो
ऐं पखर प्रेम सां पाए थो
श्रद्धा सां सीसु झुकाए थो
सचो सतगुर तिन ते महर करे।
से उपस्थित संगत पर आशीर्वाद की दृष्टि से निहाल कर दिया।
इसके पूर्व अमृत बेला में मूर्तियों की पूजा पोषक पहरणाना अभिषेक कर अमृतमयी वर्षा कर समय के पिपलियामंडी सन्त मण्डल के साथ पहुंचकर संख्या में श्रद्धालुजनों ने स्वागत सत्कार कर आशीर्वाद प्राप्त किया तो आपश्री ने भी अपनी अमृतमयी वाणी से संगत को निहाल किया।
आभार प्रदर्शन रॉकी रमेश एवं गिरीश आसवानी ने प्रकट किया