श्रीमद भागवत कथा एक आध्यात्मिक दीप है जो आत्मकल्याण के साथ मत्यु को उत्सव में प्रकट करता है

7:39 pm or December 22, 2021
महावीर अग्रवाल
मंदसौर २२ दिसंबर ;अभी तक;  में पंच कचेलिया तेली राठौड़ समाज धमर्शाला में  श्री पशुपतिनाथ की पावन नगरी में 7 दिवसीय सँगीत मय श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ आयोजन किया जा रहा है जिसमे परम् पूज्य पण् श्री ओमप्रकाश जी दवे मंदसौर वाले के मुखारबिंद से अमृतवाणी में गुरु ने कथा में बताया कि  मंगलमय कायर् का उद्देश्य मंगलमय होना चाहिए।
                             मंगलमय अनुष्ठान का उद्देश्य भी जब मंगल में होगा तब वह अनुष्ठान सृष्टि का कल्याण कर सकता है दक्ष प्रजापति ने यज्ञ का आयोजन भगवान शिव के प्रति मनोमालिन्य होने के कारण अपमानित करने के उद्देश्य से किया था परिणागत यज्ञ का विध्वंस हुआ।
                            भागवत एक अध्यात्मा दीप है जो आत्मकल्याण के साथ ही मृत्यु को उत्सव में प्रकट करता है ऋषभदेव जी की कथा पयार्वरण की महत्वता को प्रकट करती है श्रष्टि की रचना वृक्ष वनस्पति पशु.पक्षी जल एवं संरक्षण हमारा दायित्व है कि हम इन्हें बचाएसंगीतमय कथा में सु मधुर भजनों की प्रस्तुति आध्यात्म वातावरण का निमार्ण कर रही है श्री गुरु ने कथा में पंछी बचाओ अभियान की प्रशंसा करते हुवे कहा है कि जिस तरह से पंछी बचाओ अभियान टीम कायर् कर रही है यह प्रशसनीय है हमे भी इस ईश्वरीय कायर् मे सद्भावना के साथ आगे आकर ऐसे जीव दया वाले संगठन से जुड़कर कुछ सीखकर काम करना होगा और श्री गुरु ने कहा कि पक्षियों के लिए सकोरे रखकर दाना पानी की व्यवस्था को सभी सुनिश्चित करना चाहिए उक्त विचार चैहान राठौर परिवार द्वारा आयोजित कथा में श्री ओमप्रकाश जी दवे द्वारा व्यक्त किये गये।