श्री जुगल किशोर मंदिर में दिवारी नृत्य की धूम, दीपावली की रात से ही पहुंचने लगे थे मोनिया

10:19 pm or October 26, 2022
(दीपक शर्मा)
पन्ना २६ अक्टूबर ;अभी तक; दीपावली के दूसरे दिन दिवारी उत्सव मनाया जाता है इस दौरान हाथों में मोर पंख लेकर मौनिया ढोल नगड़िया के थाप पर नृत्य करते हैं और हाथों में लाठियां लेकर अद्भुत करतब दिखाते हैं, यह परंपरा भगवान श्री कृष्ण के समय से चल रही है, जिसके लिए युवा या बच्चों को 12 वर्ष मौनिया बनने के लिए संकल्प लेना पड़ता है तेरहवें वर्ष में मौनिया अपने मोर पंख मथुरा वृंदावन में विसर्जित करते हैं उसके बाद भी वह इच्छा अनुसार कभी भी मौनिया में शामिल हो सकते हैं, .
                               पन्ना जिले सहित संपूर्ण बुंदेलखंड में इस आधुनिक युग में भी इस प्राचीन परंपरा को ग्रामीण क्षेत्र के युवा निभा रहे हैं, भगवान श्री जुगल किशोर मंदिर में प्रतिवर्ष दिवारी के अवसर पर हजारों की संख्या में ग्रामीण पहुंचकर अपनी अलग-अलग टीमों के साथ दिवारी नृत्य और करतब दिखाते हैं, इस वर्ष भी मौनिया दीपावली की रात से ही भगवान श्री जुगल किशोर मंदिर में पहुंचने शुरू हो गए थे दिवारी की भोर सवेरे से ही जुगल किशोर मंदिर में ढोल नगड़िया की थाप सुनाई देने लगी है, और मौनिया नृत्य एवं करतब प्रस्तुत करने लगे हैं, इस प्रकार यह मौनिया व्रत रखकर धार्मिक स्थलों में पहुंचकर नृत्य और करतब प्रस्तुत करते हैं।