श्री पांढरीनाथ मंदिर की भूमि हड़पने के संबंध में शासन को महेश कुमार मोदी एडवोकेट ने नोटिस दिया

7:08 pm or February 6, 2023
महावीर अग्रवाल 

मंदसौर  ६ फरवरी ;अभी तक; – समाज सेवी शैलेन्द्र गोस्वामी ने प्रेस नोट में बताया कि ग्राम चन्द्रपुरा कस्बा मंदसौर में श्री पांढरीनाथ मंदिर के स्वामित्व की करीब 1.324 हेक्टेयर भूमि स्थित है। (श्री पशुपतिनाथ मंदिर के पास) इस मंदिर के प्रबंधक पदेन कलेक्टर मंदसौर है। इस भूमि पर जैन मंदिर निर्माण करने के लिये श्री आर्यरक्षित सुरी जैन मंदिर तीर्थ धाम मंदसौर ने दिनांक 12.12.1996 को कलेक्टर मंदसौर से उक्त भूमि की मांग करी।
                               इस आवेदन पर कलेक्टर कोर्ट ने एक प्रकरण पंजीबद्ध किया जिसका प्रकरण क्रमांक 96/बी-121/1996-97 है। इस प्रकरण में कलेक्टर कोर्ट ने दिनांक 24.04.1997 में श्री पांढरीनाथ मंदिर की समस्त 1.324 हेक्टर भूमि मंदिर निर्माण के लिये श्री आर्यरक्षित तीर्थधाम को दी जिसमें 451000/- प्रिमियम राशि तथा 12000/- रूपये प्रति वर्ष किराये पर दे दी, जबकि मंदिर की ज़मीन प्रबंधक या कलेक्टर कोर्ट द्वारा किसी भी प्रकार से अंतरित नहीं की जा सकती है। कलेक्टर कोर्ट ने बिना किसी कानूनी आधार के अपने अधिकारो के बाहर जाकर श्री पांढरीनाथ मंदिर की भूमि अवैध रूप से खुर्द, बुर्द कर हिन्दू धर्म की आस्था को गंभीर क्षति पहुंचाई।
                             विडम्बना तो यह रही कि कलेक्टर कोर्ट ने उक्त भूमि के संबंध में अपने निर्णय में स्पष्ट किया था कि श्री पांढरीनाथ मंदिर की भूमि पर मंदिर के स्वत्व यथावत बने रहेंगे अर्थात उक्त भूमि श्री पांढरीनाथ मंदिर के स्वत्व की रहेगी। इसके बावजूद राजस्व अधिकारी व कस्बा पटवारी ने उक्त भूमि का नामांतरण श्री आदिनाथ पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर व धार्मिक ट्रस्ट मंदसौर के नाम भूमि स्वामी के रूप में कर दिया, जबकि कलेक्टर कोर्ट के आदेश में इस ट्रस्ट का नाम नहीं था फिर भी राजस्व विभाग ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों से मिलीभगत कर शासकीय रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अवैध रूप से श्री आदिनाथ ट्रस्ट के नाम पर भूमि स्वामी के रूप में नामांतरण कर स्वत्व को समाप्त कर दिया।
                     उपरोक्त कलेक्टर कोर्ट के आदेश को निरस्त करवाने एवं भ्रष्ट तरीके से नामांतरण करने वाले राजस्व अधिकारी व पटवारी की सेवाएं समाप्त करने एवं सभी जिम्मेदार आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिये श्री गोस्वामी ने अभिभाषक महेश कुमार मोदी से नोटिस दिलवाया। यह नोटिस मुख्य सचिव  म.प्र. शासन, प्रधान सचिव धर्मस्व विभाग कलेक्टर और नगर पालिका को दिये गये।
                                    शासन से जनता मांग करती है कि श्री पांढरीनाथ मंदिर का भव्य निर्माण किया जावे तथा प्रबंधक के खाते में जमा राशि 451000/- रूपये तथा पिछले 26 वर्षो से 12000/- रूपये प्रतिवर्ष के हिसाब से जमा राशि की ऑडिट करवाकर लेखा, जोखा सार्वजनिक किया जावें।