संजय गांधी उधान में आयोजित श्रीराम कथा में शिव पावर्ति कथा का वृतान्त श्रवण कर भावविभोर हुए धमार्लुजन

महावीर अग्रवाल
मंदसौर ३ जनवरी ;अभी तक;   24 जनवरी से दिनांक 8 जनवरी तक संजय गांधी उघान नई आबादी में श्रीसुयश रामायण मण्डल जनता काॅलोनी मंदसौर के द्वारा परम पूज्य पं श्री दशरथ भाईजी के मुखारबिन्द से श्रीराम कथा का वाचन किया जा रहा है। श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस परम पूज्य पं श्री दशरथभाईजी ने शिव पार्वती विवाह का प्रसग श्रवण कराते हुए कहा कि शिव विश्वास है पार्वती श्रद्धा है ।जब विश्वास व श्रद्धा का मिलाप होता है तो सदैव सृष्टि का कल्याण होता है। शिव रूपी विश्वास व पार्वती विवाह का प्रसंग बहुत ही मामिर्क चित्रण करते हुए कहा कि शिव पार्वती विवाह में मानव देव किन्नर यक्ष सहित सभी प्रकार के जीव शामिल हुए। भगवान शिव पार्वती विवाह की कथा कई प्रेरणा देती है। जो भी जीव शिव पार्वती विवाह की कथा को श्रवण करता है उसका मंगल होता है तथा प्राणी शुभकर्म  की ओर प्रवृत्त होता है। आपने धमर्सभा में कहा कि माता सती का शरीर भले ही यज्ञ में जलना दुखद घटना थी शिव का सती के प्रति अनुराग होना और उसके बाद की कथा भी श्रवण करायी आपने कहा कि सती का शरीर भले ही यज्ञ में नष्ठ हुआ लेकिन सती ने पुन पावर्ति के रूप में जन्म लेकर शिव पार्वती के बिना अधुरे थे उन्हे पूणर् किया। शिव पार्वती विवाह के बाद जन्मे कातिकेय ने ताराकासुर  नामक राक्षस का वध किया।
इन्होने किया पौथी पूजन
                  श्रीराम कथा के प्रथम दिवस के समापन पर रेडक्रास सोसायटी के पूर्व चेयरमेन प्रितेश चावला, समाजसेवी मिलिन्द जिन्हेव, रमेश खत्री पंकज धाकड दलौदा, आदि ने रामचरित मानस की पौथी का पूजन किया व आरती की। इस अवसर पर सभी ने पं दशरथभाई का स्वागत किया।