संतों की संगति से ईश्वर प्रेम दृढ़ होता है: बाल व्यास सदभव

6:30 pm or September 14, 2021
संतों की संगति से ईश्वर प्रेम दृढ़ होता है: बाल व्यास सदभव

सौरभ तिवारी

होशंगाबाद १४ सितम्बर ;अभी तक;; निमसाडिया गांव में चल रही भागवत कथा के तृतीय दिवस मंगलवार को बाल व्यास सदभव तिवारी ने कपिल मुनि और देवहूति आख्यान के माध्यम से बताया कि जन्म लेने के बाद जीव विषय विकारों में फंस जाता है। उससे बचने के लिए संतों की संगति सबसे सरल उपाय है। इसके माध्यम से जीव ईश्वर को प्राप्त कर सकता है।

कथा को विस्तार सेट हुए व्यासजी ने ध्रुव उत्तानपाद प्रसंग के माध्यम से बताया कि जीव ईश्वर का ही अंश है लेकिन वह माया मोह में पड़कर उसे भूल जाता है। हमें ईश्वर की भुलाना नहीं चाहिए और निरंतर स्मरण करते रहना चाहिए। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।