संत कंवरराम द्वारा बताये गये मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी -शंकर आडवानी

6:44 pm or November 1, 2022

महावीर अग्रवाल 

मंदसौर एक नवंबर ;अभी तक;  अपने समाज की मातृभाषा संस्कृति का घर घर गीतों भजनों के माध्यम से प्रचार प्रसार करने का कार्य कर अलख जगाई अमर शहीद संत श्री कंवरराम ने। इसलिए आज हम सभी भी यह संकल्प लिया है कि हम भी अपने समाज की मातृभाषा संस्कृति की रक्षा करेंगे तभी संतश्री कंवरराम जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।

                         उक्त विचार ने आज संत कंवरराम के शहीद दिवस पर दीप प्रज्वलित और पुष्पांजलि सभा को संबोधित करते हुए शंकर आडवानी ने कहा कि इस बार संस्था अपनी मातृभाषा संस्कृति के प्रचार प्रसार हेतु 13 नवंबर को समाज के बच्चों के लिए सिंधु ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित कर घर-घर सिन्धु ज्ञान ज्योत जगाने का कार्य कर रही है। जिसका शुभारंभ आज शहीद दिवस से किया जा रहा है। मनोहर मूलचंदानी ने कहा कि संतश्री ने अपना पूरा जीवन अपने समाज में जनजागृति लाने के लिये पैदल-पैदल घर-घर प्रचार-प्रसार किया है हमें भी अपनी मातृभाषा संस्कृति की रक्षा करना चाहिए। जीवतराम हरवानी ने कहा कि हमारी संस्था संतों के पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लेकर समय-समय पर अपनी मातृभाषा संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य करती रहेंगी।

अखिल भारतीय लाड़ी लोहाणा सिंधी पंचायत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ललित कोतक ने कहा कि यह सत्य बात है कि संतश्री ने जो कार्य घर-घर जाकर कार्य किया हम कम से कम महीने में या समय समय पर समाज की युवा पीढ़ी को अपने समाज परम्पराओं तीज त्योहारों रिश्ते नातो का सिंधु ज्ञान तो दे ही सकते है। कैलाश कौतक ने कहा की आज हम सब यह संकल्प ने की समय समय समाज के बच्चों के मनोरंजन खेल कूद आदि अन्य छोटे छोटे आयोजन के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को नई रहा दिखायेंगे। विनोद कोठारी ने कहा की आज हम अपने संस्कारों रीति रिवाजों को भूल गये है इसलिए नई पीढ़ी गलत राहों पर चलने को मजबूर हो रही है हमें अब भी सतर्क होना चाहिए । अनिल सेवानी ने कहा कि संतश्री की प्ररेणा से आज अपने समाज ने हर क्षेत्र में प्रगति की है  हमें भी जन जागृति लाकर आने वाली पीढ़ी को नई राह दिखानी है।

इस अवसर पर समिति अध्यक्ष मुकेश होतवानी ने कहा कि संत कंवरराम के आज शहीद पर हम सबने यह संकल्प लिया है कि समिति समय-समय पर नई पीढ़ी को सामान्य ज्ञान, सिंधु ज्ञान, मातृभाषा, संस्कृति तीज त्यौहारों से सबंधित ज्ञानवर्धक मनोरंजक आयोजन करती रहेगी । इसकी शुरूआत 13 नवम्बर को सिंधु ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित कर की जा रही है जिसका 10 रू. में पंजीयन आज से किया जा रहा है समिति सभी से अनुरोध करती है कि समाज के प्रत्येक बच्चे को इस सिंधु ज्ञान प्रतियोगिता में शामिल हो।

इस अवसर नानकराम नंदवानी, पुरुषोत्तम खेमानी, लक्ष्मण रायमलानी, पं. तुलसीदास शर्मा, गोपाल पारवानी, महादेव बलवानी, जगदीश आडवानी, देवदास पारवानी, हरीश विशनानी, परमानन्द पारवानी, लक्ष्मण भगतानी, भरत लखवानी आदि उपस्थित थे। सभा का संचालन शंकर आडवानी ने किया अंत मंे मनोहर मूलचंदानी आभार ने माना