संसदीय क्षेत्र के मुद्दों को छोड़कर नगर के नाले पर बैठक लेना कहां की बुद्धिमानी है?

महावीर अग्रवाल

मंदसौर ६ जून ;अभी तक;  निर्मल शिवना जन अभियान के कार्यकर्ता हरिशंकर शर्मा, सुनील बंसल, प्रहलादराय गुप्ता एडवोकेट, रमेश सोनी सहित सभी कार्यकर्ताओं ने कहा कि मंदसौर-नीमच-जावरा के बड़े क्षेत्र के व अवार्ड प्राप्त एवं सम्मानित सांसद श्री सुधीर गुप्ता ने नगर पालिका में अपना महत्वपूर्ण समय नालों की सफाई पर चर्चा में लगाया।

विचारणीय यह हैं कि नगर के अंदर एवं संसदीय क्षेत्र के तीनों जिलांे में एक भी उद्योग स्थापित नहीं करना, विश्व पर्यटक स्थल पर विद्यमान भगवान पशुपतिनाथ मंदिर के समीप शिवना की दुर्दशा पर ध्यान नहीं है। औद्योगिक क्षेत्रों का धूआं निकल चुका है, बेरोजगार युवा घूम रहे हैं और कोरोना महामारी में लंबे समय से मेडिकल कॉलेज की स्थापना नहीं होना और अपने हाथों से अपने ही कार्यों से चंबल शिवना योजना का फ्लॉप करके अब नगर पालिका में बैठक कर समय बिगाड़ना कहां तक उचित है। सरकार ने लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर चुनाव कराये, आपको वेतन भत्ते इतने बड़े मिल रहे हैं इसके बाद आप सीएमओ की कार्यशैली पर शक ना करें। यदि आप यह बैठक शिवना में मिल रहे गंदगी के नालों को बंद करने को लेकर करते, 56 करोड की फाइल को निकलवा कर देखते, जवाबदार के खिलाफ कार्रवाई करवाते और मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन का तत्काल निर्णय करवाते, बंद पड़े उद्योगों के लिए योजना बनाते, एक आधा उद्योग स्थापना करवा देते तो यह बैठक लेना भी उत्तम था। मजबूरी है अधिकारियों की क्योंकि देश का लोकतंत्र बहुत खराब स्थिति में है यहां के आईएएस अधिकारी भी जनप्रतिनिधि के ज्ञान के आगे कुछ नहीं बोल पाते लेकिन समय का चक्र तेजी से घूम रहा है सभी की पोल पट्टी खुलती जा रही है और सब मुंह छुपा कर इधर-उधर भाग रहे हैं और अपने आप को सही सिद्ध करने के लिए लगे हुए हैं। जनता बहुत समझदार है जिन जनप्रतिनिधियों की छोटे-मोटे कार्यकर्ता भी बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूमने लगे समझ लेना नगर का विकास नहीं दूसरी तरफ जो विकास चल रहा है वह बड़ा है।

दोनों जनप्रतिनिधियों के मुख से एक बार भी नहीं निकल रहा की 56 करोड की फाइल कहां पर रखी है और यह जनप्रतिनिधि वहां देखना भी नहीं चाह रहे हैं। पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन तत्काल अपने कर्तव्य का निर्वहन करने कलेक्टर साहब के यहां पहुंची लेकिन यह जागरूक जनप्रतिनिधि आज तक कलेक्टर साहब से इस संबंध में चर्चा नहीं की। इसका राज समझ में नहीं आ रहा भगवान पशुपतिनाथ की नगरी में साक्षात निर्णायक भगवान पशुपतिनाथ से तो थोड़ा सा तो डरे।

निर्मल शिवना अभियान के हरिशंकर शर्मा ने कहा अब जनता किस पर भरोसा करेगी जो पार्षद अपने आप को सेवक बनकर नगर की सेवा करने के लिए अपने आवेदन दे रहे हैं क्या वह भी नगर के प्रति मौन है। यह चाटुकारिता, यह झूठी प्रशंसा आपको बड़ा नेता नहीं बनाएगी इसलिए सही कहने का समय है जनता के दिलों में राज करोगे समय रहते जो नगर के महत्वपूर्ण मुद्दे हैं उन पर कार्य करते रहो।

सांसद महोदय से निवेदन है अभी आपके पास समय है अभी भी तीन काम करा दें एक बड़े उद्योग की स्थापना करवा दें, दूसरा चंबल के पानी से पूरे क्षेत्र के किसानों को जोड़ दें और तीसरा मंदसौर नीमच जावरा में एक बड़ा मेडिकल कॉलेज की स्थापना करा दें। इससे रोजगार की कमी भी पूरी होगी । आपका नगर में व क्षेत्र में घूमना भी सार्थक होगा। छोटे मुद्दों को तो आप फोन द्वारा ही बात करके हल कर दें। क्षेत्र का किसान आंसू बहा रहा है, बेरोजगार युवक मजबूरी में आत्महत्या कर रहा है और पेयजल संकट पर मौन रखकर कर आप बैठक ले रहे हो। पूरे क्षेत्र का माहौल जनप्रतिनिधियों कार्यशैली से परिचित हो चुका है।यह जानकारी हरिशंकर शर्मा व निर्मल शिवना जन अभियान के कार्यकर्ताओं दी गई।