संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के नये परिसर का लोकार्पण

8:55 pm or June 15, 2021
संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के नये परिसर का लोकार्पण
दीपक कांकर
रायसेन 15 जून ;अभी तक; संस्कृति, पर्यटन एवं अध्यात्म मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने आज सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के सांची स्थित नवीन परिसर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार को शुभकामना देते हुए उन्होंने कहा कि वैदिक और बौद्ध के सुंदर समन्वय से बने विश्वविद्यालय से पूरे विश्व को अपेक्षाएं है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का ध्वजवाहक बन सांची विवि 21वीं सदी में भारत को विश्वगुरु बनाने के प्रयास में भूमिका निभा सकता है।
इस अवसर पर मंत्री महोदय ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय को पढ़ने आने वाले हर छात्र से 5 पौधे लगाने एवं पढ़ाई पूर्ण करने तक उनको पालने का प्रयोग करना चाहिए। उषा ठाकुर जी ने शिक्षा में क्रांतिकारियों के जीवन वृत्त और  उनके उद्देश्यों को शामिल करने का भी सुझाव दिया।
मंत्री महोदय का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ नीरजा ए गुप्ता ने कहा कि सांची विश्वविद्यालय शोध के सिरमौर संस्थान बनने की दिशा में अब तेज़ गति से बढ़ेगा। उन्होने मंत्री महोदय को आश्वासन दिया कि विवि अपनी गतिविधियों और शोध कार्यों से नए सोपान गढ़ेगा।
लोकार्पण अवसर पर मंत्री महोदय ने पौधा भी रोपा। अभी तक बारला स्थित किराये के भवन से संचालित हो रहा विश्वविद्यालय अब सांची स्थित पर्यटन विभाग के नये भवन से संचालित होगा। नई इमारत में विश्वविद्यालय प्रस्तावित स्थल पर निर्माण पूर्ण होने तक रहेगा। सांची स्थित यह परिसर विश्वविद्यालय के प्रस्तावित परिसर के बिल्कुल समीप है। सांची में होने से यहां आने वाले पर्यटकों एवं अन्य लोगों को भी सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय से संपर्क का मौका मिलेगा।
सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ नीरजा गुप्ता ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि भारत इस समय जिस कोरोना काल से गुज़र रहा है ऐसे समय में हमारी अहम ज़िम्मेदारी बनती है कि पूरी दुनिया को संस्कृति और सभ्यता दी जाए।
उन्होंने कहा कि ये समय खास तौर से पश्चिम के लोगों को भारत की ओर आकर्षित करने का है जब हम उन्हें सभ्यता और संस्कृति से वाकिफ करा सकतै हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विशेष रूप से शोध संस्थान खड़ा करने के लिए प्रयासरत  है ताकि बौद्ध और भारतीय दर्शन पर आधारित विशिष्ट शोधों को बढ़ावा दिया जा सके। इससे पूरे विश्व को नया मार्गदर्शन मिलेगा।
डॉ नीरजा गुप्ता ने कहा कि सांची विश्वविद्यालय एक अनूठा विश्वविद्यालय है जो कि बौद्ध और भारतीय दर्शन की शिक्षाओं को सम्मिश्रित कर शिक्षा प्रदाय करता है।
धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित करते हुए विवि के कुलसचिव व संस्कृति संचालक अदिति कुमार त्रिपाठी ने कहा कि विश्वविद्यालय अब देश और विश्व में नए ज्ञआन का प्रसार करेगा। उन्होने सभी कर्मचारियों का भी आभार व्यक्त किया।