सजा काट रहे शिक्षक का मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने का मामला सामने आया

 भिंड से डॉक्टर रवि शर्मा
भिंड २६ जून ;अभी तक; भिंड जिले के अटेर विकासखंड के ग्राम लावन में शासकीय हाई स्कूल में सजायाफ्ता शिक्षक को कथित मेडिकल के आधार पर जॉइनिंग दे दिए जाने तथा उसके जेल में रहने की अवधि का वेतन निकलवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी परंतु एक समाचार पत्र ने इस बात का खुलासा किया था उक्त फरेब के गठजोड़ का फंडा फोड़ के उपरांत सिर्फ सजायाफ्ता शिक्षक की जॉइनिंग रोक दी गई बल्कि विद्यालय की प्राचार्य के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई । वही सीएमएचओ ने सिविल सर्जन से मेडिकल प्रमाणपत्र जारी करने वाले चिकित्सकों के नाम भी तलब किए गए हैं ।
              उल्लेखनीय है कि सजायाफ्ता शिक्षक राजेश त्रिपाठी निवासी गया पूरा ऑल अशोकनगर अटेर रोड भिंड को फरवरी 2021 में उसकी पत्नी कांति देवी सहित सात वर्ष की कारावास की सजा सुनाई गई । आरोपी शिक्षक ने अपनी पत्नी कांति देवी की नौकरी अपने ही निकट रिश्तेदार सीमा शर्मा की अंकसूची लेकर संविदा शिक्षक वर्ग 3 में नौकरी लगवा दी थी । मामला खुलने पर राजेश त्रिपाठी व उनकी पत्नी के खिलाफ गोहद चौराहा थाने में धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया था ।
  पैरोल पर छूटने के बाद ज्वाइन किया था विद्यालय
शिक्षक राजेश त्रिपाठी ने कोरोना काल में पैरोल पर रिहा होने के बाद जिला चिकित्सालय से दो चिकित्सकों की मदद से कथित रूप से मेडिकल सर्टिफिकेट बनाया और विद्यालय में पेश कर न सिर्फ जॉइनिंग ले ली बल्कि वेतन आहरण की प्रक्रिया भी शुरू करा दी गई । परंतु मामले का खुलासा होने के बाद उसकी जॉइनिंग देने के अलावा शासकीय हाई स्कूल रावण की प्रचार आशा शुक्ला के खिलाफ भी जांच शुरू की गई है । वही फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने वाले जिला अस्पताल के दो चिकित्सकों के नाम भी जिला शिक्षा अधिकारी हरी भवन सिंह चौहान ने तलब की है । एक चिकित्सक ने फिटनेस व दूसरे ने सिकनेस का दिया प्रमाण पत्र ।
          उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय के चिकित्सक के खिलाफ डॉक्टर आरके सिंह द्वारा फिटनेस के लिए हस्ताक्षर किए गए हैं जबकि सिकनेस किस चिकित्सक द्वारा जारी की गई है इसके लिए जिला अस्पताल के सिविल सर्जन तलाश  करवा रहे हैं । बता दें कि प्रतिदिन आधा सैकड़ा  जिला चिकित्सा में मेडिकल सर्टिफिकेट के बनवाने के दलाल भी सक्रिय रहते हैं और कुछ तो शासकीय कर्मचारी डायरेक्ट चिकित्सक के निवास स्थान पर पहुंचता है या क्लीनिक पर वहां सौदा की मेडिकल सिगनेज फिटनेस दोनों बने पैसे दो लिए हजारों में यह दिन की सांसे कितने दिन का अवकाश चाहिए उस हिसाब सौदा तय होने के बाद ही चिकित्सक सर्टिफिकेट तत्काल बना देता है । चाहे बैक डेट में 1 वाउचर की डेट और तो और सी ल उनके घर के टेबल के अंदर रहती है मेडिकल और नया पैसे लिए चिकित्सक मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के समय यह भी नहीं पूछा कि काय के लिए आपको मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाना है कई तो उस मेडिकल सर्टिफिकेट जांच की जाए तो अपराधिक प्रवृत्ति के आज तक अपराधियों के वी फायर तलाशी जाए तो पूरा भंडाफोड़  हो जाएगा । शायद जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ आर के सिंह ने द्वारा फिटनेस के लिए हस्ताक्षर किए गए हैं जो कि 1 माह पूर्व ही रिटायर होकर चले गए है